आखिर हादसों के बाद ही क्यों जागता है जिम्मेवार परिवहन विभाग

सतना जिले के अमरपाटन किरहाई सड़क हादसे के बाद जिले में बैठे जिम्मेवार अधिकारी ऐसे जागे की सभी के सभी घटना स्थल की ओर उलटे पाँव रवाना हुए आखिर यही जिम्मेवार तब क्यों नहीं जागते जब कलमकार होने वाली दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में पूर्व में जिम्मेवार तंत्र को आगाह करते है आज जब इस हादसे ने चार से पांच जिंदगियां लील ली तो हमारा जिम्मेवार तंत्र तमाम तरह की कमिया और खामिया निकालने में लग गया और तमाम तरह की कार्यवाहियो का दिखावा करने लगा। आखिर हुई इस घटना का जिम्मेवार कौन है? 



           जिले में बैठा जिम्मेवार परिवहन विभाग वाकी दिनों में महज दिन दुगनी रात चौगुनी करने में मशगूल नजर आता है जिले में बैठे जिम्मेवार परिवहन विभाग के अधिकारियो को क्या यह पता नहीं रहता कि हमने एक टाइम में एक बस को परमिट जारी किया है और मोटर मालिक उस परमिट की आड़ में कितनी गाड़िया रोड में दौड़ा रहा है सरेआम अधिकतर रीवा मैहर रोड में बस संचालक एक परमिट की आड़ में अन्य गाडियो का संचालन करते है गाडी छोटी हो या बड़ी क्षमता से ज्यादा सवारिया भरकर सड़को में फर्राटे भर्ती है आम जनता की जान जोखिम में डालकर प्रशासन की नाक के नीचे उक्त कार्य को संचालित करते है बदले में बैठे जिम्मेवार अपनी जेब गर्म करते है  सरेआम रीवा मैहर रोड में ओवर लोड सवारी गाड़िया अधांधुन्ध दौड़ती है तब परिवहन विभाग के जिम्मेवार अधिकारी सोते रहते है।आज एक ऑटो वाला 15 से 20 सवारिया ऑटो में भरकर नेशनल हाइवे में फर्राटे भरता है तब किसी जिम्मेवार अधिकारी को यह नजर नहीं आता हुई घटना के बाद घड़ियाले आँशु बहाने मौके में पहुच जाते है और हुई घटना से अपना पल्ला झाड़ मामले को रफादफा करने में लग जाते है। हुई घटना के लिए आज जबाबदेही तय होनी चाहिए साथ ही विधि सम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनराबृत्ति न हो।