भाजपाई वार्डों को निशाना बना रहे हैं आयुक्त उपेक्षा से आहत पार्षद सड़क पर उतरने को तैयार

Apna Lakshya News


विशेष रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद रीवा शहर में विकास का नाम लेने वाला तक कोई नहीं बचा है। पिछले नौ माह से रीवा शहर के अंदर निर्माण संबंधी विकास को लेकर रीवा नगर निगम ने कोई बड़ा काम नहीं किया। विधानसभा चुनाव के पहले शहर सरकार में सत्ता पक्ष के पार्षदों ने जिन 52 विकास कार्यों को लेकर टेंडर की शुरुआती कार्रवाई पूरी कर ली थी उसके वर्क ऑर्डर नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव जानबूझकर जारी नहीं कर रहे हैं। सड़क, नाली, नाला और पाइप लाइन से संबंधित विकास कार्यों पर रोक लगा दी गई है। रीवा नगर निगम के प्रभारी महापौर वेंकटेश पांडे ने कहा कि रीवा नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव मध्यप्रदेश सरकार के इशारे पर भाजपाई वार्डों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 54 करोड़ के टेंडर की फाइल को जानबूझकर आयुक्त ने दबा रखा है। एक तरफ जनता मुलभूत सुविधाओं के लिए दर दर की ठोकरें खा रही हैं वहीं आयुक्त सभाजीत यादव जानबूझकर विकास के रास्ते की सबसे बड़ी दीवार बन गए हैं। चंद कांग्रेस के पार्षदों को आयुक्त ने अपने पक्ष में सेट कर लिया है और शेष वार्डों की विकास को लेकर उपेक्षा की जा रही है। जिससे निरंतर पार्षदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 



नगर निगम अध्यक्ष ने कहा जनता को बताएंगे सच्चाई
रीवा नगर निगम अध्यक्ष सतीश सोनी भी नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव की कार्यशैली से खासा परेशान चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा शहर में विकास कार्यों का सबसे बड़ा दुश्मन आयुक्त नगर निगम है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले सभी वार्डों में निर्माण कार्य को लेकर 52 टेंडर फाइनल किए गए थे जिन्हें लेकर मात्र वर्क आर्डर जारी करना था, जिसे जानबूझकर आयुक्त ने किनारे कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे रीवा प्रवास पर आए थे तब हमने उन्हें विकास विरोधी आयुक्त सभाजीत यादव के बारे में अच्छी तरह बताया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पांचवीं परिषद के तीन माह का समय शेष बचा हुआ है और पिछले साल भर से शहर में निर्माण कार्य बंद हैं। नगर निगम अध्यक्ष सतीश सोनी ने कहा कि मजबूर होकर हम सभी भाजपा के पार्षद सड़क पर उतरेंगे और जनता को बताएंगे कि शहर के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन आयुक्त सभाजीत यादव है। भाजपा पार्षद सतीश सिंह ने कहा कि फरवरी में आयुक्त की कुर्सी पर सभाजीत यादव को शासन ने बैठाया और तब से भाजपा के वार्डों के निर्माण कार्यों पर विराम लगा दिया गया है।