BMS और केंद्र सरकार का कोयला कामगारों को गुमराह करने का नया षड्यंत्र ।

APNA LAKSHYA NEWS



आपकी जानकारी एवं चिंतन हेतु कोयला उद्योग मे 100% FDI के ख़िलाफ़ संयुक्त संघर्ष समिति ( INTUC HMS AITUC CITU and AICCTU ) द्वारा शत प्रतिशत सफल हड़ताल के ऊपरांत भी १०० प्रतिशत विफल हड़ताल करने वाले BMS संगठन को श्रेय देने की केंद्र सरकार की कोशिश के सम्बंध मे और सम्बंधित विषय से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने के लिए निम्न सचाइयाँ आपके समक्ष रख रहा हूँ । 
१. दिनांक ८ अगस्त २०१९ को कोड ओफ़ वेजेस लागु होता हैं जिसने वेतन से सम्बंधित ४ एक्ट - पेंमेंट ओफ़ वेजेस एक्ट, पेमेंट ओफ़ बोनस एक्ट, पेमेंट ओफ़ मिनिमम वेजेस एक्ट, इक्वल रिमयूनरेशन एक्ट खतम हो गए । 



२. २८ अगस्त २०१९ को केंद्र सरकार ने कोयला उद्योग और उससे सम्बंधित कामों में जैसे कोल हेंडलिंग, क़्रशिंग एवं वाशिंग, मे १०० प्रतिशत FDI की घोषणा की । 
३. २९ अगस्त को कोल इंडिया के सबसे  बड़े ग्राहक NTPC ने NTPC MINING नामक ख़ुद की माइनिंग कंपनी खोली जिससे कोल इंडिया का २०० मिलियन टन कोयले का ग्राहक चला जाएगा ।
४. माईन डेवलपर और ओपरेटर मोड़ द्वारा NTPC उसे आवंटित १३ बड़े कोयले के ब्लोक़्स को देशी विदेशी ठेका कम्पनियों के द्वारा चलाएगी जीसमें काम करने वाले मज़दूर भाइयों को नए वेज कोड के हिसाब से न्यूनतम वेतन दिया जाएगा और सुरक्षा कल्याण स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होगी और काम के घंटे भी बढ़ा दिए जाएँगे ।संक्षिप्त में कहा जाए तो कोयला उद्योग में FDI लागु होने के बाद कोयला कामगारों का सिर्फ़ शोषण होगा ।
५. इसीलिए दिनांक ५ सितम्बर को INTUC HMS AITUC CITU एवं AICCTU ने कोयला उद्योग मे १०० FDI के विरोध मे दिनांक २४ सितंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की । BMS को बुलाने पर भी साथ नहीं आए ।
६. दिनांक ९ सितम्बर को BMS ने अकेले ही २३ से २५ सितम्बर की पाँच दिवसीय हड़ताल की घोषणा की । 
७. BMS की २३ सितम्बर की हड़ताल पूर्णतः विफल रही । CIL के उत्पादन और प्रेषण पर कोई असर नहीं पड़ा ।८. INTUC HMS AITUC CITU द्वारा २४ सितंबर को की गयी हड़ताल पूरे CIL में शतप्रतिशत सफल रही जिससे CIL को २१ लाख टन कोयलें की उत्पादन क्षति हुईं और ४००० करोड़ का नुक़सान हुआ ।
९. क्या २४ सितंबर को कुछ खदानों में BMS के पदाधिकारियों द्वारा हड़ताल को विफल करने की कोशिश नहीं की गयी ? सच्चाई आप जानते है ।
१०.  २५ सितंबर की BMS की हड़ताल शत प्रतिशत विफल रही ।
११. २५ सितंबर को ही दोपहर १ बजकर २४ मिनिट पर मा कोयला मंत्री जी ने अपने व्यक्तिगत ट्वीट  के माध्यम से BMS एवं CIL के सभी हिस्सेदारों से अपील की वे हड़ताल वापिस लें । १२.  कोयला मंत्री जी  के ट्वीटर के पोस्ट को कोपी पेस्ट कर उसे कोयला मंत्री और BK राय की बैठक की वार्ता का स्वरूप देकर, हड़ताल को BMS के महासचिव  ने अपने पत्र के. BMS/D-20/318/2019 dtd 25.9.2019 द्वारा वापिस लिया ।
१३. षड्यंत्र यहीं शुरू हुआ । मंत्रिजी के ट्वीट मे  कोल इंडिया में FDI लागु नहीं किए जाने की बात हैं लेकिन कोयला उद्योग मे लागु नहीं किये जाने की बात नहीं हैं ।क्योंकि कोयला उद्योग  में FDI से CIL अपने आप ख़त्म हो जाएगा । 
१४.  २२ सितंबर को मोदीजी ने अमेरिका में कोयला उद्योग में 100% FDI की बात की ।


अगर वाक़ई में कोयला मज़दूरों के लिए सरकार की मंशा अच्छी हैं  तो सिर्फ़ इतना ही ऐलान कर दे देश के हर  कोयला खदान ( निजी या विदेशी या सरकारी ) में काम करने वाले मज़दूरों को NCWA के सभी प्रावधान लागु होंगे ।अन्यथा सरकार के सभी आश्वासन झूठे और खोखले हैं ।


अब आप ही सोचिए और फ़ैसला कीजिये । क्या ट्वीटर के पोस्ट पर हड़ताल वापिस होना चाहिए ।  इस संदर्भ में संयुक्त संघर्ष समिति को २४ सितंबर के १००% सफल हड़ताल के बाद भी क्यों नहीं बैठक के लिये बुलाया गया या अपील की गयी ।
जब तक कोयला मंत्रालय द्वारा कोई औपचारिक एवं प्रशासनिक माध्यम से कोयला मंत्रिजी के हस्ताक्षर द्वारा लिखित रूप में “” कोयला उद्योग में FDI वापसी का निर्णय “” नहीं दिया जाता हैं तब तक यह एक साज़िश और षड्यंत्र के अलावा कूछः नहीं ।


फ़्रांसिस दारा 
महासचिव
कोयला श्रमिक सभा
वेकोलि नागपुर