ग्रामीणों की जुबानी बबुली के गैंगवार की कहानी, UP पुलिस ने भी MP पुलिस के दावों पर उठाए सवा

तराई से दहशत का अंत: यूपी पुलिस का दावा डकैतों में गैंगवार से मौत


सतना: *नयाइंडिया* मध्यप्रदेश की सतना पुलिस ने दस्यु सरगना बबुली कोल और उसके राइट हैण्ड लवलेश कोल जो बबुली का -साला है को एन्काउंटर में मार गिराने का दावा किया है। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर के दावे को मानें तो रविवार की रात वीरपुर के जंगल में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 6 लाख के इनामी दस्यु सरगना बबुली कोल और लवलेश कोल को मार गिराया है। लेकिन, स्थानीय लोगों से इस घटनाक्रम की जो जानकारी सामने आ रही है वह पुलिस के दावे से इतर है।



*दस्यु सरगना बनने से पहले बबुली कोल बैंड पार्टी में बजाता था झुनझुना


*शनिवार दिन को 3 बजे गैंगवार


जानकारों ने रविवार की शाम 6 बजे पत्रिका को इस घटना की जो जानकारी बताई है उसके अनुसार धारकुण्डी थाना क्षेत्र के तेलिया घाट डाड़ी पहाड़ में शनिवार दिन को 3 बजे गैंगवार हुई है। गैंगवार के वक्त जंगल में कुल 6 लोग मौजूद थे। उसमें दस्यु सरगना बबुली कोल और उसके राइट हैण्ड लवलेश के साथ गैंग का नया सदस्य लाली कोल भी था। 
डकैत बबुली और लवलेश 6 राउण्ड फायर


बताया गया कि लाली पिता मालिक कोल निवासी हरसेड़ हाल ही में हुई घटनाओं से बबुली से नाराज था। इसी के चलते जंगल में उसने और उसके दो अन्य साथियों ने 6 राउण्ड फायर डकैत बबुली और लवलेश पर किए। फायरिंग के बाद लाली के दो साथी उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले और लाली भी अपने गांव की ओर भागा। बीच रास्ते में उसने इस घटना की जानकारी अपने मामा सौखीलाल को दी।


 गैंगवार में मारा गया कुख्यात डकैत बबुली कोल, 6 लाख का था इनाम


सतना पुलिस से साझा किया


सौखीलाल ने इस घटना से रामपुर निवासी राघवेन्द्र पटेल को अवगत कराया। वहां से एक जनप्रतिनिधि को घटना की खबर लगी। इसे उन्होंने सतना पुलिस से साझा किया। घटना की जानकारी मिलते ही सतना पुलिस एक्टिवेट हो गई और आनन-फानन लाली को अपनी कस्टडी में लिया। इसके बाद सतना पुलिस लाली को लेकर मारे गए डकैतों के शव तलाशने जंगल में उतर गई। इसके बाद से सतना पुलिस के आला अधिकारियों सहित आईजी, डीआईजी सभी के मोबाइल संपर्क से बाहर हो गए।


 गैंगवार में मारा गया 6 लाख रुपए का इनामी डकैत बबुली कोल


आईएस 262 गैंग फाइल क्लोज्ड
बबुली गैंग की पुलिस रिकार्ड में पहचान आइएस 262 के रूप में थी। हार्डकोर व कैजुअल मेंबर को मिला दिया जाए तो करीब 13 डकैत इस गैंग में शामिल थे। इसमें लवलेश सहित 6 सदस्य बबुली के करीबी थे। जिनसे वह बड़े निर्णय में सलाह लेता था। 


मझगवां में पोस्टमार्टम
शव की बरामदगी के बाद पुलिस मझगवां अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों की टीम ने पीएम किया। मौके पर ही पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की और औपचारिकताओं को पूरा करने का काम शुरू किया, ताकि शव परिजनों को सौंपा जा सके।


बड़ा सवाल: बदबू मार रहीं थीं दोनों लाशें
पुलिस भले ही रविवार की रात का घटनाक्रम बता रही हो, लेकिन मझगवां में जब इन दोनों डकैतों का शव लाया गया तो वे काफी बदबू मार रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बदबू इतनी तेज थी जैसे लाश दो दिन पुरानी हो। हकीकत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।


हरसेड़ से जुड़ता तार
गत दिनों बबुली कोल ने हरसेड़ गांव से किसान अवधेश द्विवेदी का अपहरण कर फिरौती वसूली थी। इसके बाद से माना जाने लगा था कि बबुली ने बड़ी गलती कर दी है। इसके पीछे कारण था कि हरसेड़ वो गांव है, जहां बबुली को संरक्षण मिला करता था। उसी गांव में ऐसी वारदात कर के ग्रामीणों के लिए अविश्वनीय बन गया था। उसको लेकर मुखबिरी बड़े पैमाने पर होने लगी थी। ग्रामीणों के अंदर गुस्सा भी था कि जिसको मदद की, वो ही गांव में दहशत फैला रहा है।


कांटे से कांटा निकाला
इस पूरी वारदात को लेकर जंगल में एक कहानी चल रही है कि पुलिस ने कांटे से कांटा निकाला है, जो हमेशा होता रहा है। सूत्रों की माने, तो इसमें बड़ी भूमिका लाली कोल की है, जो हरसेड़ का रहने वाला है। विगत ६ माह पूर्व गैंग में शामिल हुआ था। उसने ही बबुली कोल को किसान अवधेश के पास रकम होने की सूचना दी, फिरौती वसूलवा कर गैंग के सदस्यों का करीबी बना। उसके बाद पुलिस से मिलीभगत करते हुए बबुली को निपटा दिया और पुलिस को सरेंडर कर दिया। इस तरह पुलिस ने बबुली गैंग को भी खत्म कर दिया और  अपने मोहरे को भी बचा लिया ।