हनी ट्रैप: एसआईटी में बदलाव अब संजीव शमी के नेतृत्व में होगी निगरानी

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वर्मा और मनोज को इंदौर जाने से रोका
भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में पुलिस मुख्यालय द्वारा बनाई गई एसआईटी (विशेष जांच दल) में 24 घंटे में ही बदलाव कर दिया गया। आईजी (सीआईडी) श्रीनिवास वर्मा के स्थान पर एटीएस के एडीजी संजीव शमी को एसआईटी चीफ बनाया गया है।  बताया जाता है कि राज्य सरकार श्रीनिवास वर्मा की क्षमताओं से संतुष्ट नहीं थी। बताया जाता है कि श्रीनिवास वर्मा और 25 बटालियन के कमांडेंट मनोज सिंह  सोमवार को इंदौर रवाना होने के लिए अटैचियां तैयार करके बैठे थे तभी उन्हें डीजीपी का संदेश मिला कि उन्हें नहीं जाना है।
हनी ट्रैप का मामला इंदौर हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस मुख्यालय ने कल 23 सितंबर को पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसमें वर्मा के अलावा 25वीं बटालियन के कमांडर मनोज कुमार सिंह को शामिल किया गया था। मनोज कुमार सिंह ने मंदसौर गोली कांड के बाद दौरे पर आए कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को गिरफ्तार किया था। 24 घंटे बाद आज शाम होते-होते पुलिस मुख्यालय ने पुरानी टीम को भंग कर नई टीम गठित कर दी है। इसमें संजीव शमी के अलावा इंदौर की एसएसपी रूचि वर्धन मिश्रा, भोपाल साइबर सेल के एसपी विकास शहवाल, इंदौर साइबर सेल के एसपी जितेंद्र सिंह, इंदौर क्राइम ब्रांच के एडीशनल एसपी अमरेंद्रर सिंह, भोपाल सीआईडी इंस्पेक्टर नीता चौबे एवं मनोज शर्मा के अलावा पलासिया थाने के प्रभारी शशिकांत चौरसिया को शामिल किया गया है। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि आवश्यकता अनुसार एसआईटी में कुछ अन्य अफसरों को भी शामिल किया जा सकता है। 


केवल एक प्रकरण की जांच
पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि एसआईटी इंदौर के थाना पलासिया के अपराध क्रमांक 405/19 धारा 419, 420, 384, 506, 120(बी)और 34 का परिर्वेक्षण करेगी। यह स्पष्ट नहीं है कि एसआईटी मामले की जांच करेगी या सिर्फ निगरानी।