इंदौर-इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 75 वर्षीय वृध्द से 65 लाख रूपयेे की  धोखाधडी करने वाला संगठित गिरोह को इंदौर की साइबर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

इंदौर- गिरोह के सरगना को साथियों सहित राज्य सायबर सेल ने किया गिरफ्तार।  


- आरोपी अलग-अलग कम्पनियों के नाम से फर्जी रबर स्टैम्प बनाकर खुलवाता था फर्जी बैंक खाते। 


- आरोपी ने अपने और अपने साथियों के लिये फर्जी नाम पते से बनवा रखे थे फर्जी पेन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र।


-आरोपी ने फर्जी नाम पते से दो ड्रायविंग लाइसेंस भी बनवा रखे थे। 


4-आरोपी फर्जी कम्पनियां बनाकर भरता था इन्कम टैक्स रिटर्न। 


-आरोपी ने फर्जी बैंक खातो में डलवाये थे लोगों से लाखों रूपये।


- आरोपियों विभिन्न सिमों और मोबाइलों क  उपयोग कर करते थे, लोगो से इंश्योरेंस एवं लोन के नाम पर ठगी। 


-सभी आरोपी मुज्जफरपुर बिहार के रहने वाले।


-सभी फर्जी दस्तावेजों मे लगे है आरोपियों के फोटो।


- आरोपी फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिये लेता था धोखाधडी से प्राप्त रकम का 25 प्रतिशत कमीशन।


- घटना में प्रयुक्त लैपटाॅप,मोबाइल और फर्जी दस्तावेज पुलिस ने किए है जप्त। 


-आरोपीयों ने लोन दिलाने की आड़ में खोल रखा था दिल्ली मेें टेली काॅलिंग का आफिस।


- पिछले दो महिनों में (SIT) को मिली लगातार चैथी सफलता।


-पुलिस ने अब तक चार अपराधों में 09 आरोपियों को किया है गिरफ्तार। 


-मुम्बई पुलिस भी कर रही थी, पिछले डेढ साल से आरोपियों की तलाश। 


-आरोपियों ने धोखाधडी से प्राप्त किये रूपये को  पबों एवं महंगी होटलों में किया खर्च।


विशेष पुलिस महानिदेशक राज्य सायबर पुलिस एवं एसटीएम पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा इंश्योरेंस एवं जाॅब फ्राॅड के लिये पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल इंदौर जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT ) गठित की गई थी।(SIT) को एडीजी राज्य सायबर पुलिस राजेश गुप्ता द्वारा लम्बित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये थे।


इसी तारतम्य में फरियादी हरिकृष्ण शुक्ला पिता स्व0रामशंकर शुक्ला निवासी- 28-29 सी सेवा सरदार नगर पलासिया इंदौर की शिकायत की जांच पर से अपराध क्रमांक 144/19 धारा 419, 420,420बी, 467, 468 एवं 66डी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द कर (SIT) को विवेचना के लिये सौपा गया था। 


(SIT) की टीम में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा,प्र0आर0 रामप्रकाश, रामपाल एवं आरक्षक  रमेश भिडे शामिल थे।


(SIT) टीम द्वारा फरियादी के बैंक अकाउण्ट से ट्रांसफर हुए रूपयों की तकनीकी जाॅच एवं सूक्ष्म विश्लेषण द्वारा दिल्ली जाकर पतारसी की गई। 


टीम को सफलता उस वक्त मिली जब गिरोह के तीन मुख्य आरोपी फर्जी नाम पते से जनकपुरी,दिल्ली में चला रहे थे लोन दिलाने के नाम पर टेली काॅलिंग का आॅफिस जहाॅ से टीम ( जिसमें प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई एवं रामपाल द्वारा ) द्वारा लगातार 07 दिनों से दिल्ली में रहकर आरोपियों के आॅफिस के बाहर टेली मार्केटिंग का जाॅब करने के नाम पर लगातार रेकी कर उनकी दिनचर्या व उनके बार में गोपनीय जानकारी प्राप्त कर उनके आॅफिस में दबीश देकर पकडकर इंदौर लाया गया।



 जहाॅ प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम


1-वरूण कुमार पिता चन्द्रकिशोर सिंह उर्फ अभिषेक सिंह उर्फ अभिषेक मिश्रा उर्फ सूरज राय उर्फ इन्दरसिह।


2-जितेन्द्र शर्मा उर्फ रोनक साहू पिता राकेश शर्मा 


3-सुमित कुमार उर्फ दीपक भारती बताया।


आरोपियों द्वारा पुलिस रिमाण्ड में पूछताछ में बताया कि हम लोग अपनी पहचान को छुपाते हुए अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम पतों से जाली वोटर आइडी कार्ड,पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस बनवाते थे और उन्ही फर्जी दस्तावेजों से फर्म कम्पनियां बनाकर कम्पनियों के नाम से फर्जी करंट एवं सेविंग बैंक खाते खुलवाते थे।


इन फर्जी बैंक खातो में इनके अन्य साथियों के द्वारा फोन लगाकर इंश्योरेंस पाॅलिसी के नाम पर अतिरिक्त लाभ देने का लालच देकर 75 वर्षीय वृध्द फरियादी हरिकृष्ण शुक्ला से विभिन्न पाॅलिसियों के नाम पर लाखों रूपये डलवाये गये थे। 


जिन्हे आरोपियों द्वारा अपने एटीएम कार्ड एवं सेल्फ चेक के माध्यम से केश विड्रोल कर अपना-अपना हिस्सा बाट लेते थे।


आरोपियों द्वारा पूछताछ में यह भी बताया गया कि वह इन फर्जी नाम पतो पर बनी कम्पनियों के इन्कम टैक्स रिटर्न भी फर्जी तरीके से भरवाया करते थे।