जिले में स्वास्थ्य सेवायें बदहाल : प्रशासन की चुप्पी सन्देहास्पद

सतना , म.प्र.काग्रेस कमेटी सदस्य मनीष तिवारी( एड.) ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की अत्यन्त बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य महकमें के प्रभारी मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आमजन को सेवायें दिलवाने की बजाय वसूली में व्यस्त हैं और जिला झोला छाप डाक्टरों की बढती तादाद , गैर पंजीकृत फर्जी पैथालाजी लैबों के शोषण और सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा का शिकार है जिस पर कोई भी जिम्मेवार बोलने को तैयार नहीं है , इस मामले में जिला प्रशासन और रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष कलेक्टर महोदय की रहस्यमयी चुप्पी भी कई संदेहों को जन्म देती है !
      नगर पालिक निगम चुनावों मे महापौर पद के काँग्रेस प्रत्यासी रहे काँग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि शहर से लेकर गांवों तक बीमारियों के इस मौसम में झोला छाप डॉक्टर मरीजों की जिन्दगी से खिलवाड कर रहे हैं (आये दिन गलत ईलाज से मौतें हो रही हैं) , बिना तकनीशियनों के सैकडों अवैध पैथालाजी लैब आम लोगो को लूट कर जिन्दगी से खिलवाड कर रहे हैं और जिला अस्पताल सहित तमाम शासकीय अस्पतालों और प्रथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आमजन को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सेवा देने पर विभाग का कोई नियंत्रण न होना अराजकता की स्थिति को दर्शाता है! !  जननी सुरक्षा की थज्जियां उड रही हैं , रोजाना ही प्रसूताओं की मौत और लापरवाही से नवजात शिशुओं की मौत से अखवार भरे रहते हैं , इस बारे मे केवल पल्ला झाडा जाता है, प्रभारी चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी लोगो के जीवन से खिलवाड करने वालों से महीने की राशि बांधकर वसूली में व्यस्त हैं , और संवेदनहीन जिला प्रशासन अपना हिस्सा लेकर इन गतिविधियों को अपना मौन समर्थन दे रहा है ?
        प्रदेश में काँग्रेस की कमलनाथ सरकार की सबको आवश्यक स्वास्थ्य की सुविधा देने की वचनबद्धता को यहां अधिकारी पतीला लगा रहे हैं , बारिश के इस मौसम में "डायरिया"और "पीलिया" ने जिले मे दस्तक दे दी है , महामारी फैलने के खतरे को गंभीरता से लेना होगा,  श्री तिवारी ने कहा कि इस अंधेरगर्दी से मा. मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी अवगत कराया जा रहा है , यदि लापरवाही और भ्रष्टाचार न रूका तो काँग्रेस जन कलेक्ट्रेट का घेराव कर इस जनविरोधी व्यवस्था का विरोध करेगें |