सतना नगर निगम अधिकारी उड़ा रहे हैं नियमों की धज्जियां

सतना : नगर निगम सतना के इंजीनियर एस.के सिंह   क्या वो बता सकते हैं कि कोई भी मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग बिना टाउन कंट्री प्लानिंग के अनुमोदित के पूर्व नगर निगम द्वारा स्वीकृति दी जा सकती है, यदि ऐसा नहीं है तो बिना आश्रय शुल्क जमा कराएं, बिना टाउन कंट्री प्लानिंग के  अनुमोदित किए, उन्होंने ताम्रकार बंधुओं के भवनों को जो रीवा रोड में माहेश्वरी स्वीट्स के पीछे हैं किस प्रकार अनुमति दे दी। इसी प्रकार नगर निगम के कार्यपालन यंत्री अरुण तिवारी सतना शहर के अंदर भवन निर्माण की मंजूरी 70 वर्ष पुराने भवन पर जोकि गाटर पटिया से निर्मित था उस भवन पर तीसरी मंजिल और चौथी मंजिल का नक्शा कैसे  पास कर दिया, जबकि पवह भवन जिस व्यक्ति ने निर्माण की स्वीकृति ली है उसकी रजिस्ट्री में स्पष्ट लिखा हुआ है यह मकान जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। गाटर पटिया से निर्मित है और तो और नजूल के मेंटेनेंस खसरे में भी उस व्यक्ति का नाम नहीं है। जब खसरे में उसका नाम नहीं है तो  किस आधार पर मानचित्र की स्वीकृति प्रदान की है। यदि आयुक्त नगर निगम सतना इस बात की जानकारी के लिए  प्रमाण चाहिए तो मय दस्तावेज मिल जायेंगे।  यह भ्रष्ट इंजीनियर लोग अपनी तनख्वाह से पेट नहीं भरते हैं, इन्हें अवैध तरीके से पैसा कमाने का शौक है। यह शहर के ऊपर कलंक का टीका लगा रहे हैं।