देररात निकाला दूसरी बच्ची का शव एक साथ उठी मां व बेटियों की अर्थी

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कटनी समाचार


बहोरीबंद के जुझारी गांव में कुए एक बच्ची के डूबने से बचाने के लिए उसकी बड़ी बहन और उसकी मां भी कुए में छलांग लगा दी। जिसके कारण तीनों की डूबने से मौत हो गई। देर रात जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कुंए में रेस्कूय कराकर शव को निकालवाए। अंतिम शव रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात करीब डेढ़ बजे निकाला जा सका। जिसके बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। गांव में एक साथ हुई तीन मौत से सन्नाटा पसरा हुआ है और मातम जैसा महौल है। गांव से एक साथ जब तीनों अर्थी उठी तो गांव के सभी लोगों की आंखें नम हो गई।



ये है मामला


पुलिस ने बताया कि बहोरीबंद थाना अंतर्गत जुझारी गांव विजय यादवकी 30 वर्षीय पत्नी गोमती बाई, बड़ी बेटी 8 वर्षीय आंकाक्षा और छोटी बेटी 6 वर्षीय अर्पिता रविवार शाम खेत में गई थी। इसी दौरान खेत में बने कुएं में छोटी बेटी अर्पिता गिर गई। जिसे बचाने के लिए आंकाक्षा भी कुएं में छलांग लगा दी। दो बेटियों को कुएं में डूबता देखकर उनकी मां गोमती बाई भी कुंए में कूद गई और तीनों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। दो बच्चियों और एक महिला के कुएं में डूबने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। जिसके बाद रेस्क्यू किया गया। छोटी बधी और मां के शव शाम करीब साढ़े 7 बजे कुएं से निकाल लिया गया था। लेकिन बड़ी बच्ची का शव कुएं में नहीं मिल रहा था। मामले की जानकारी कलेक्टर शशिभूषण सिंह को भी रात में दी गई। जिसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को वहां पर भेजा। गोताखोरों को भी वहां बुलाया गया। गोताखोरों द्वारा काफी देर तक कुएं में बच्ची के शव की तलाश की गई। और अंततः रात करीब डेढ़ बच्चे उसके शव को कुएं से निकाला जा सका है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बहोरीबंद एसडीएम सपना त्रिपाठी, तहसीलदार मुन्नवर खान, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार निधि तिवारी, आरआई, पटवारी मौके पर मौजूद रहे। बहोरीबंद टीआई राजेश दुबे भी अपने स्टाफ सहित मौके पर रहे।


परिजनों को सौंपे गए शव


देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मृतकों के शवों को निकाल पंचनामा कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। इसके बाद परिजनों ने सभी अंतिम संस्कार किया। सभी मृतकों की अर्थी एक साथ उठी और फिर अंतिम संस्कार किया गया। कुएं में डूबने से दो बच्चियों और मां की मौत से पूरे गांव में दुख की लहर व्याप्त है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था और हर आंखे नम थीआनेवाला बिजली