"मुख्यमंत्री जी कागज में जिंदा हैं करोडों पौधे-मुरझाया प्रशासनिकदावा

दैनिक अपना लक्ष्य


मुरझाया प्रशासनिकदावा हकीकत जानने के लिए जिले में कब आयेगी नई सरकार की टीम


अपना लक्ष्य ब्यूरो चंदन केवट अनूपपुर।


वृक्षारोपण के नाम पर जिले में अरबों रूपये का घोटाला विगत 15 वर्षों में हुआ है, इसकी जांच न तो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कराया ना ही वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ को फुरसत मिल रही। मुख्यमंत्री श्री नाथ एक ओर अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा के लोग आये दिन उन्हें लंगड़ी-लूली सरकार के मुखिया बताते हैं। मुख्यमंत्री श्री नाथ अगर वृक्षारोपण में हुए गड़बड़झाला की उच्चस्तरीय जांच करावें तो निश्चित ही वृक्षारोपण का क्षेत्र वाला मैदान साफ मिलेगा। प्रदेश में १५ वर्ष तक भाजपा सत्ता में रही, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार के आदेशानुसार प्रदेश में प्रत्येक वर्ष करोड़ों पौधों का वृक्षारोपण किया जाता था। इसी तारतम्य में अनूपपुर जिले में भी कागजों में भारी वृक्षारोपण किया गया है,



जिसकी जड़ें पूर्व सरकार के सीएम हाऊस तक फैली हुई थी। सूत्रों की मानें तो शासन, प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के जिम्मेदार अधिकारी मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर तक वृक्षारोपण किया जाता था। नवम्बर से मई के बीच सभी पौधे कागज में दिखते थे जहां वृक्षारोपण किया गया जाता था वहां पौधे ही नहीं बल्कि गड्ढे भी गायब हो जाते थे। इस तरह के गंभीर मामलों को न जाने कितने बार समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया, लेकिन शासन ने जांच उन्हीं से कराती थी जो चोरी करते थे। भला ऐसे जांच से कैसे न्याय मिल सकता है। गौरतलब है कि पवित्र नगरी अमरकंटक से विगत ३ वर्ष पूर्व ११ दिसम्बर २०१६ को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नर्मदा सेवा यात्रा पर निकले थे।



इनके साथ मंत्रीमण्डल के कई मंत्री सांसद, विधायक, संगठन के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी एवं अन्य सामाजिक संगठन भी माँ नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल रहे। ज्ञातव्य है कार्यक्रम के दौरान स्वामी सुकदेवानंद जी महाराज, बाबा कल्याणदास जी महाराज, स्वामी विवेकजी, प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. गौरी शंकर शेजवार, विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, क्षेत्र प्रचारक अरूण जैन, प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, गुजरात के गृहमंत्री प्रदीप जडेजा, राजेंद्र शुक्ला, ओमप्रकाश धुर्वे, रामपाल सिंह, संजय पाठक, लालसिंह आर्य, रामलाल रौतेल, अजय प्रताप सिंह, वीडी शर्मा, विनोद गौटिया, राघवेंद्र गौतम, प्रदीप पाण्डेय, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय, पूर्व संभागीय संगठन मंत्री संतोष त्यागी, स्वामी हरिहरानंद जी महाराज, नर्मदा भारती जी, साध्वी प्रज्ञा जी, अखिलेश्वरानंद जी भी शामिल रहे । माँ नर्मदा तट एवं अन्य स्थानों पर सभी लोगों ने वृक्षारोपण किया था जो गायब हैं।


यही होग शासकीय नर्मदा सेवा यात्रा प्रारंभ के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उमडे जनशैलाब को संबोधित करते हुए मंच से उद्बोधन दिया था कि माँ नर्मदा के उद्गम स्थली से आज मैं वादा कर रहा हूँ कि पवित्र नगरी अमरकंटक शहर प्रदेश का सबसे सुंदर शहर होगा लेकिन ३ वर्ष बीत जाने के बाद भी अमरकंटक सुंदर शहर नहीं हो सका। बल्कि अधिकारी कर्मचारियों एवं अन्य संस्थाओं के लिए चारागाह बन गया।


हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री कब आयेंगे जिले में


पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए अखिर कब प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जिले के भ्रमण पर निकलेंगे। जनचर्चा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बने लगभग १ वर्ष बीतने जा रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री एवं अन्य विभाग के मंत्रियों को जिले की दुर्दशा देखने को फुरसत नहीं है।


कलियग केभागीरथ पर खडे हुए सवाल


यात्रा के दौरान जबलपुर के जिस ग्वारीघाट पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कलयुग का भागीरथ बताया गया था उसी ग्वारीघाट में आज भी गंदे नालों का पानी बदस्तूर मिल रहा है। इतना ही नहीं पवित्र नगरी अमरकंटक में मॉ नर्मदा का स्वच्छ रखने के लिए शासन द्वारा तमाम योजनाएं चलाई जा रही है लेकिन हकीकत में देखने को नहीं मिल रही है।


कागज पर जिंदा हैं करोडों पौधे


२ जुलाई २०१७ को पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान के मुख्य आतिथ्य में पवित्र नगरी अमरकंटक में लाखों पौधे रोपण किए गये थे। इसके साथ-साथ प्रदेश भर में पौधे रोपण किए गये थे। प्रशासनिक आंकडों के अनुसार सात करोड आठ लाख पौधे एक दिन में रोपण कर मध्यप्रदेश का नाम गिनीज बुक में दर्ज कराया गया था लेकिन वे पौधे १० प्रतिशत भी जिंदा नहीं हैं।