अल्ट्राटेक वर्क्स मैहर सीमेंट के माइंस प्लांट में चलने वाले ट्रको से रहवासियों को कब मिलेगी निजात

 


मैहर में स्थित अल्ट्राटेक वर्क्स मैहर सीमेंट प्लांट भदनपुर में चलने वाले ट्रको से उड़ने वाली धूल ,धुंआ से कब छुटकारा मिलेगा चाहें पिपराहट खदान से भदनपुर आने वाले ट्रको की धूल देखी जाए तो किस प्रकार धूल की धुंध 5किलोमीटर तक छाई रहती है वही प्रशासनिक महकमा अनजान बना हुआ है कि इस धूल से कितना नुकसान किसको होता है!
बीमार बना रही सड़क पर उड़ती धूल
पिपराहट से भदनपुर तक उड़ती धूल से लोग बीमार होने लगे हैं। धूल की वजह से दमा, एलर्जी, चर्म व आंखों की बीमारी के चपेट में आ रहे हैं।
सड़क किनारे रहने वाले परेशान
धूल की वजह से भदनपुर से भटूरा तक सड़क किनारे रहने वाले लोग व व्यावसायी खासे परेशान हैं। लोग बताते हैं कि मकान व दुकान में नियमित साफ-सफाई नहीं की जाए तो 24 घंटे में ही धूल की मोटी परत बैठ जाती है। रोड किनारे लगे पेड़ो को देख अंदाजा लगाया जा सकता है, इसे साफ करने में भी परेशानी और न करो तो भी परेशानी होती है। धूल से घर और दुकान में रखे सामानों को भी नुकसान पहुंचता है।



धूल ही चटा देगी धूल
एलर्जी बहुत सामान्य समस्या है। अनुमान है कि आबादी का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा किसी-न-किसी रूप में एलर्जी ग्रस्त है। शरीर को हानिकारक तत्वों, जीवाणुओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई स्तर और स्वरूप में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है, जो 'इम्यूनिटी' कहलाती है। किसी हानिप्रद, विजातीय तत्वों के शरीर से संपर्क होने या प्रवेश करने पर इम्यूनिटी सक्रिय होकर उस तत्व, जीवाणु को निष्क्रिय, नष्ट करने का प्रयास करता है। इम्यूनिटी के कारण ही हम स्वस्थ रहते हैं। यदि इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है तो कई रोग हो सकते हैं। जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता किसी विजातीय तत्व के संपर्क में आने या शरीर में प्रवेश करने में असामान्य रूप से प्रतिक्रिया करती है तो वह 'एलर्जी' कहलाती है। एलर्जी के कारण विविध समस्याएं जैसे एलर्जिक राइनाइटिस, (नाक बहना, जुकाम), दमा, पित्ती (अर्टिकेरिया), दाद, हे फीवर, एन्जिया, एडिमा इत्यादि रोग होते हैं।



वाहनों के प्रदूषण से वायुमंडल में धूल के कण और धुंआ स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक हैं। ये सास के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार धूल के कण दमा, अस्थमा और एलर्जी जैसी कई बीमारियों का कारण बनते हैं। यह उन लोगों के लिए और खतरनाक हैं, जो पहले से ही इन बीमारियों से पीड़ित हैं। उनके लिए यह जानलेवा साबित हो सकते हैं।
भदनपुर पिपराहट भटूरा रोड में ट्रको से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए वर्तमान सरकार और प्रशासन कोई कदम नही उठा रहे है


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