भारत की सरजमी पर पैर रख खुशी से झूम उठेमछुआरे

एक साल तक यमन में रहे बंधक, नाव चुराकर भागे और 10 दिन में पहुंचे भारत


मदुरै। भारत की सरजमी पर पैर रखते ही उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। उनके लिए यह बेहद भावुक करने वाला पल था। यमन से किसी तरह जान बचाकर लौटे 9 भारतीय मछुआरों के लिए यह नई जिंदगी पाने जैसा अनुभव था। वे किसी तरह से बचकर आए थे। लौटने तक नाव में 500 लीटर ईधन, आधी बोरी प्याज और ढेर सारा भाग्य मौजूद था। केरल के रहने वाले दो और तमिलनाडु के 7 मछुआरे बीते एक साल से यमन में उत्पीड़न का शिकार हो रहे थे। किसी तरह उन्होंने अपने मालिक की बोट को चुराया और उसमें सवार होकर निकल पड़े। लगातार 10 दिनों तक 3,000 किलोमीटर लंबा समुद्री सफर तय करने के बाद वे किसी तरह भारत आ सके। कोच्चि के तट से 75 समुद्री किलोमीटर यानी 138 किलोमीटर की दूरी पर भारतीय कोस्ट गार्ड के जवान अल थिराया बोट में सवार हुए थे। यह बोट शुक्रवार को दोपहर 1-15 बजे कोच्चि के तट पर पहुंची। इस बोट के बारे में कोस्ट गार्ड के डॉर्नियर एयरक्राफ्ट को जानकारी मिली थी।


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