बिजली बिल के करंट से कराह रहे जिले के उपभोक्ता-प्रदेश सरकार का बढ़ा टेंशन

ब्यूरो चंदन केवट अनूपपुर। राजेश पयासी/ एक ओर विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कुंभकरणीय नींद में सो रहे, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता लूट के शिकार बन रहे हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार के मुखिया कमलनाथ एवं अन्य मंत्रियों का टेंशन दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा । बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी 12 माह 30 दिन हमेशा मेंटीनेंस के नाम पर जहां विद्युत कटौती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को बढ़ा हुआ बिल देकर खून निकालने का कार्य करने में जुटे हैं। राज्य सरकार के लिए बिजली का बढ़ा हुआ बिल नासूर बनते जा रहा है, जिले का किसान, उपभोक्ता, व्यापारी अधिकारी-कर्मचारी, आम जनता जहां आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारी बिजली कनेक्शन काटने घर पहुंच जाते हैं, जब उपभोक्ता कहीं शिकायत लेकर जाता है तो डॉट फटकार कर भगा दिया जाता है। ऐसे समस्याओं से राज्य सरकार जहां टेंशन में , वहा आमजनता एव विद्युत उपभोक्ता विद्युत करंट से कराह रहे हैं। वर्षों से जमे कर्मचारी बने भस्मासर जिले के जैतहरी, अनूपपुर, राजेंद्रग्राम, कोतमा क्षेत्र में कई वर्षों से अधिकारी- कर्मचारी अंगद की तरह पांव जमाये बैठे , जो भस्मासुर बनकर उपभोक्ता का आर्थिक दोहन कर विद्युत विभाग को भी मेंटीनेंस के नाम पर चूना लगाते रहते हैं। आमजन की मानें तो विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अत्यधिक बेलगाम हो चुके हैं। जिसके चलते सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। मेंटीनेंस के नामी कटौती बताया गया है कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मेंटीनेंस के नाम पर आयेदिन बिजली कटौती होती रहती है। किसान, व्यापारी, उपभोक्ता एवं आम जनता को समय-समय पर बिजली नहीं मिल पा रही, जिसके चलते दिन-प्रतिदिन आक्रोश का माहौल सरकार के प्रति बनते जा रहा है। बिजली बिल के करंट से हजारों . उपभोक्ता घायल : प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजेंद्रग्राम, जैतहरी, अनूपपुर, बिजुरी, कोतमा, अमरकंटक, विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता बिजली बिल के करंट से घायल हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि हमारा बिजली बिल हमेशा ५०० रूपये के अंदर आता था अब २५ से ३० हजार रूपये बिजली का बिल आ रहा है। जब हम बिजली बिल लेकर समाधान के लिए जाते हैं तों काउंटर में बैठे कर्मचारी जवाब देते हैं कि आये हुए बिजली बिल की राशि को जमा करना ही पडेगा। आगामी समय में सुधार किया जायेगा, जो जांच का विषय है। शासन को कर रहे बदनाम १५ वर्ष तक प्रदेश में भाजपा की सरकार स्थापित थी, ऐसा बिजली बिल का करंट उपभोक्ताओं को कभी लगा या नहीं लेकिन १० माह की कांग्रेस सरकार में विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल का करंट लगा रहे हैं। इनके बेलगाम कार्यशैली के चलते सरकार की प्रतिष्ठा आमजन के सामने दांव पर लगी है। भाजपा जला रही बिजली बिल की होली प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में भाजपा को बिजली बिलों की होली जलाने एवं सरकार को घेरने कार्य बिजली विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी सरकार के विपक्ष में बैठे लोगों को मदद कर प्रदेश सरकार को आयेदिन बदनाम कराते हैं। कांग्रेस विधायक ने सरकार को लिखा पत्र प्रदेश में भले ही कांग्रेस की सरकार है, लेकिन बिजली विभाग के तानाशाही रवैया और जनता के दर्द को गंभीरता से लेते हुए कोतमा विधायक सुनील सराफ ने मध्यप्रदेश सरकार एवं विद्युत विभाग के मंत्री प्रियव्रत सिंह को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि विद्युत विभाग द्वारा मनमानी तरीके से विद्युत बिल दिया जा रहा है, जिसके चलते हमारी सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। उन्होंने पत्र में जाहिर किया है कि विद्युत विभाग द्वारा हितग्राहियों का विद्युत कनेक्शन न काटा जाये, अगर उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में असमर्थ है तो समय दिया जाये। सरकार एकओर किसानों के हितैषी बनना चाहती है वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बढ़ा हुआ बिजली बिल वसूली, कनेक्शन काटना, हजारों के बीच हितग्राही को बेइज्जत करना जैसे तमाम परेशानियां दे रहे हैं।


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