देश भर के स्कूल और काॅलेजों में लागू हुआ ये नया नियम, आदेश जारी

देश भर के शिक्षण संस्थानों में छात्रों के दाखिले और परीक्षाओं के दौरान एक नया नियम जरूरी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने पूरे देश के शैक्षणिक संस्थाओं पर इसे लागू कर दिया है। अब छात्रों के दाखिला और परीक्षा फाॅर्म पर NAD आईडी लिखना जरूरी हो गया है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों को अपने फाॅर्म में इस आईडी के लिए अलग काॅलम भी बनाना पड़ेगा। यूजीसी के सचिव रजनीश ने पत्र लिखकर देश के सभी शिक्षण संस्थानों में इसे लागू कर दिया है।


जान लीजिए क्या है NAD


NAD का मतलब है नेशनल एकेडमिक डिपाॅजिटरी। ये एक ऑनलाइन स्टोर हाउस है जिसमें शिक्षण संस्थानों की डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट और बाकी सभी सर्टिफिकेट डिजिटल प्रारूप में रखे जा रहे हैं। इसे 24 घंटे इस्तेमाल किया जा सकता है। काॅलेजों के माध्यम से छात्र की ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए नैड-आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी को आगे होने वाले दाखिले और परीक्षा फाॅर्म में भरना होगा।



1106 काॅलेजों ने किया लागू


देश भर के 1106 काॅलेजों ने इसे लागू कर दिया है। यहां के छात्रों के सभी दस्तावेज नैड में सुरक्षित हैं। पूरे देश के सभी स्तर के संस्थानों में इसे जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए काॅलेजों को नैड के साथ सर्विस लेवल एग्रीमेंट करना होगा। हर संस्थान में नैड के लिए एक सेल बनेगी जो छात्रों का सारा डाटा ऑनलाइन अपलोड करेगी। 12वीं की मार्कशीट भी यहीं अपलोड करनी होंगी।


पकड़े जाएंगे नकली दस्तावेज


नकली मार्कशीट और डिग्री के साथ होने वाले फर्जीवाडे़ से इसमें बचाव होगा। दाखिले के वक्त इन दस्तवेजों की प्रमाणिकता संबंधित बोर्ड या यूनिवर्सिटी से जांची जा सकती है। इसके लिए थर्ड पार्टी काम करेगी। बिना छात्र की अनुमति के उसके दस्तावेजों का कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है। सत्यापन की प्रक्रिया में छात्रों की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।


ऐसे बनेगी नैड आईडी



नैड की वेबसाइट के जरिए आप अपने आधार या बिना आधार नैड आईडी बना सकते हैं। इसके लिए ईमेल और मोबाइल पर ओटीपी के जरिए ये प्रक्रिया सत्यापित करते हुए पूरी होगी। आपका स्कैन फोटोग्राफ देना होगा। इस आईडी को अपने संस्थान में देना होगा जो आपके दस्तावेज इस पर अपलोड करेगा। संस्थान के माध्यम से भी आईडी बनवाई जा सकती है।


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