दिल्ली को पीछे छोड़ेगा अपना मैहर


✍🏻मैहर रीवा मार्ग सिरमिली में NH के किनारे लगे डामर प्लांट के डामर से पहले विभाग पिघले... खेत में खुला प्रदूषण फैलाने वाला प्लांट, दमे के रोगी, फसलें जहरीली और जमीन बंजर होने का खतरा
अभी हाल में ही सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब केंद्र और राज्य सरकारें प्रदूषण रोकने के लिए बैठक बुलाई हैं. पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने आज वायु प्रदूषण पर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों के हिस्सा लेने की बात सामने आई है!
*मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ भी प्रदूषण पर गंभीर
मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल, इंदौर और देवास समेत छह शहरों टॉप प्रदूषित शहरों में शुमार हो गये है. राज्य के शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी इंडेक्स (Ambient Air Quality Index) 241 पर पहुंच गया है. जबकि सांस लेने योग्‍य शुद्ध हवा का इंडेक्स 50 से कम होना चाहिए. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) की जारी रिपोर्ट के बाद सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. यकीनन देश के ग्रीन और क्लीन शहरों में टॉप पर रहने वाले प्रदेश के शहरों में अब प्रदूषण का लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. प्रदूषण से परेशान सूबे के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) ने कई दिशा निर्देश जारी किए हैं.



मुख्यमंत्री ने जारी किए निर्देश
>>बड़े पैमाने पर प्लांटेशन करे!
>>बारिश से खराब सड़कों के मेंटनेंस को जल्द पूरा करने!
>>वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सफाई अभियान चलाने!
>>मेकेनिकल स्ट्रीट स्वीपर और वाटर फॉगर्स खरीदी करे!
>>नई दिल्ली, चेन्नई, मुम्बई की तरह प्रदूषित शहरों की सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी करे!
>>रियल टाइम मॉनिटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए!
>>सीएनजी-एलपीजी को प्रोत्साहित करने!
>>पेट्रोल पम्पों पर प्रदूषण जांच केन्द्र बनाने द्वारा जांच करने की बात कहि!
डामर प्लांट के धूल धुंए के धुंध से लोगो का जीना दुश्वार
✍🏻मैहर रीवा NH30 के किनारे ग्राम सिरमिली के पास चल रहे डामर प्लांट से लोगो का जीना दुश्वार हो गया है आसपास के लोग दमे के रोगी हो रहे है फसल जहरीली हो रही है जमीन बंजर होने का खतरा मंडरा रहा है !और प्रदूषण अपनी चरम सीमा है,कहते है कि ये डामर प्लांट कांग्रेसी नेता का है जिस कारण सारे नियम कायदे फीके पड़ रहे है और सतना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौन है!अब देखना होगा जिले में बैठे जिम्मेदार कब तक इस डामर प्लांट को खुले में प्रदूषण करने की छूट देकर पास में लगी गरीबो की बस्ती में रह रहे लोगो को रोगी और उनके खेती करने वाली जमीन को बंजर बनायेगे| कमलनाथ सरकार कब सतना मैहर के शासकीय अधिकारियों को पुरष्कृत करेगी कि प्रदूषण में मैहर जल्द देश की राजधानी दिल्ली से भी आगे निकलने वाला है इसका श्रेय प्रदूषण करने की NOC देने वालो के साथ उनके ऊपर बैठे जिम्मेदारो का है!



धीरे धीरे मैहर के लोगो की जा रही जान



फेफड़ों में जो इंफेक्शन बढ़ रहा है उसका सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण है। हम सांस लेते हैं कि अधिक से अधिक ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों को मिले यह जरूरी है। अगर लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं तो इनके खराब होने की संभावना अधिक होती है। बदलता माहौल व बदलती स्वास्थ्य शैली स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा रही है इसका श्रेय यहाँ शासकीय पदों में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों का है!
*देखना होगा कि जिले के प्रभारी मंत्री सतना जिले के कलेक्टर मैहर एसडीएम प्रदूषण से निपटने के लिए क्या युक्ति अपनाते है कि जिससे लोगो को प्रदूषण से निजात मिल सके|