एचडीएफसी बैंक की क्रेडिट कार्ड से लोग हो जाये सावधान, बैंक के स्थानीय शाखाओं में नही होता कोई माई बाप, मनमानी ब्याज व पेनाल्टी जोड़ दिन दहाड़े करते है अपने कस्टमरों के साथ धोखेबाजी।

 



मैंहर। बैंक के क्षेत्रो में घूमने वाले दलालों  से लोग रहे सावधान मीठी मीठी बातों से लोगो को तरह तरह से क्रेडिट कार्ड को लेकर फायदे बताते है लेकिन बहुत से बाते नही बताते है जैसे कार्ड लेने व देने के समय मैंहर एचडीएफसी बैंक बुलाया व क्रेडिट कार्ड दिया जाता लेकिन किसी कारण जब हिसाब कर खाता क्लोज करने की बात सामने आई तो ये बताया गया कि क्रेडिट कार्ड सम्बंधित कोई भी कार्य स्थानीय बैंक शाखा में नही होता केवल आप जमा कर पर्ची ही ले सकते क्रेडिट कार्ड सम्बंधित जानकारी या खाता क्लोज के लिए जबलपुर में होता है जबलपुर जाकर बात करो ऐसे में एचडीएफसी ब्रांच मैंहर की गुंडई सामने आई जिसमे क्रेडीट कार्ड इसी मैंहर ब्रांच में लोगो को बुलाकर दिया जाता है जब खाता क्लोज करने की बात आई तो मैंहर वाले ब्रान्च के लोग पल्ला झाड़कर फुर्सत हो जाते है और आये दिन इतना फोन  क्रेडिट कार्ड के 4 बड़े  शाखाओं के फोन लगातार आते है मानो लोगो को पागल कर देते है जबलपुर, भोपाल, इंदौर, मुंबई, का सुबह से ही फोन पर नोचने के लिए, दूसरे की नही सुनते लिखित भी नही देते रुपया व्याज दर भी महीना के साथ प्रतिदिन का भी पैसा जोड़ते है यही इन क्रेडिट का मतलब ऑनलाइन शॉपिंग करने पर कम व्याज लगाने की बात बताई जाती है नगद पर ये बताया जाता है कि हर महीने व्याज लगेगा लेकिन कितना ये भी बताया जाता है लेकिन जब लेंन देंन करने पर बिल कुछ का कुछ मेल पर भेजते है जमा भी कुछ का कुछ कराते है क्योकि ऑनलाइन शॉपिंग करने पर कम्पनी खुद कमीशन बैंक को देती है जो बैंक को ज्यादा कमाई होती है, जो लोगो को बताया जाता है कि बाजार से सस्ता ऑनलाइन खरीदी पड़ती है लेकिन क्रेडिट कार्ड वाले बैंकों को ज्यादा कमीशन देती इस लिए बैंक दलालों को एजेंट बनाकर क्षेत्रो में छोड़ देते इनके पास सबसे बड़ा हथियार ये है कि सभी बैंकों में जो भी खाता खोलता है उसमें सभी का बायोडाटा के साथ मोबाइल नम्बर भी रहता है उसी से नम्बर लेकर ऑफर देते है फोन पर की आपका क्रेडिट बहुत अच्छा है इस लिए आपको 25 या 50 हजार का बैंक क्रेडिट कार्ड दे रही है साथ मे ये लाभ वो फायदे तरह तरह के लालच देते है यही नही निजी बैंकों का तो ये हाल है कि जहा खातों में रुपया जमा होते है देखते ही लार टपकाने लगते है और तरह तरह के लालच देना शुरू कर देते है जैसे इस योजना में जमा करेंगे तो इतना लाभ होगा ,ये योजना में पैसा जमा करेंगे तो लाखों का बिमा का लाभ मिलेगा मरने व बीमारी पर ,  लेकिन ये बैंक वाले इतने कमीने है कि जिंदा रहने की बिमा नही या कोई बीमार नही हुआ तो नही देते पूरा योजना का लाभ खुद बैंक लेती वैसे भी जब लोग बीमार होते है तो इन बीमा वालो के चक्कर लगाने से अच्छा की लोग अपनी जेब से इलाज करा लेते है नही तो जो बीमा के लालच में पड़े तो पता चलेगा कि बीमा का रुपया मिलते मिलते भगवान को प्यारे हो गए फिर किस बात का बीमा करते है, जबकि जानकारों की माने तो किसी भी बैंक में किसी का भी खाता क्यो न हो उसका बीमा रहता है नॉर्मल मौत पर भी बैंक के खाता धारक को बीमा का लाभ मिलता है लेकिन किसी को पता नही जिस कारण बैंक वाले बहुत से ऐसे खाते होते है जो लोग परिवार से बिना बताए खाता खुलवाते है उनकी मौत के बाद किसी को जानकारी न होने के कारण उन लोगो का रुपया बैंक में ही गोलमाल कर दिया जाता है। निजी बैंकों से लोग सजग रहे उससे भी ज्यादा क्रेडिट कार्ड के दलालों से जो बताते कुछ है नियम कुछ रहता है। इनकी मनमानी बिल को न मानने पर दिया जाता है सिविल खराब करने की धमकी जिस कारण लोग डर कर इनकी मनमानी से कस्टमर जमा कर लुटता है, जब कि इन क्रेडिट कार्ड सम्बंधित कोई भी आमने सामने बात करने वाला कोई नही सारी गुंडई फोन पर नही तो वकीलों की नोटिस उसके बाद भी बिल रोज बढ़ता रहता है।