घायल गाय की दवाई लगाकर की सेवा

अपना लक्ष्य


ककरहटी आजकल हर जगह बेसहारा गोवंशीय पशु मारे-मारे फिर रहे हैं। इन्हें न तो कोई खाना पीना देने वाला है और ना ही कोई इन बेसहारा पशुओं की बीमारी या अन्य तरह से घायल अवस्था में दवा करने वाला है। आज उपेक्षित बेसहारा पशु किसानों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं। जिसके कारण खेती किसानी चौपट करने या समाज में अमानवीय लोग हैं जो डंडे से मारकर इन्हें घायल कर देते हैं। ऐसे ही एक गाय के पैरों में किसी ने धारदार हथियार से घाव कर दिया जो कई दिनों से तड़प रही थी उसका पैर गल चुका है। जिस पर समाजसेवी कैलाश त्रिपाठी ने लोगों के साथ मिलकर गाय के पैर के घाव की साफ-सफाई की और दवा लगाकर पट्टी की।