कार्तिक पूर्णिमा पर अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई डुबकी

 


राम की नगरी अयोध्या में मंगलवार की सुबह कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुई। इस अवसर पर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थीकार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए दूरदराज से आए श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और सरयू में आस्था की डुबकी लगाई। हालांकि, राम जन्मभूमि पर आए कोर्ट के फैसले के मद्देनजर प्रशासनिक बंदिशें हैं, शायद यही वजह रही होगी कि इस साल पिछले सालों की अपेक्षा श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। गौरतलब है कि शनिवार को रामजन्मभूमि पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए अयोध्या में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां तक कि पूर्णिमा स्नान के लिए सोमवार को अयोध्या पहुंचे कई श्रद्धालुओं को पुलिस ने वापस लौटा दिया था, लेकिन मंगलवार को स्नान के कारण प्रशासन ने सुरक्षा में कुछ ढील दे रखी है। बेरोकटोक श्रद्धालुओं को सरयू तट आने-जाने दिया जा रहा है। स्नान के बाद श्रद्धालु हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वर नाथ मंदिर, रामलला आदि का दर्शन पूजन किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आशीष तिवारी ने श्रद्धालुओं के सरयू स्नान करने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का अयोध्या पहुंचना रात भर जारी रहा।


करतारपुर जाने के प्रति सिख श्रद्धालुओं में उत्साह नहीं, दूरबीन से दर्शनों को उमड़ रही भीड़


सिख श्रद्धालु करतारपुर कारीडोर से बहुत कम संख्या में पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जा रहे हैं। इस कारीडोर के रास्ते सोमवार को केवल 130 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब पहुंच कर मत्था टेका। आश्चर्य की बात है कि सिखों में बेहद लोकप्रिय होने के बाद भी करतारपुर साहिब जाने के प्रति पंजाब के लोगों में उत्साह क्यों नहीं है। माना जा रहा है कि करतारपुर जाने __जाने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है। यह बात उन लोगों को पाकिस्तान जाने से रोकती है, जो भविष्य में अमेरिका या दूसरे देशों में जाना चाहते हैं।