मां शारदा देवी मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ किया जा रहा भेदभाव|जिम्मेदार तंत्र मामले से अवगत होते हुए भी|आखिर नजरअंदाज कर क्यों साधे बैठे चुप्पी


                    मैहर देवी जी धाम स्थित त्रिकूट पर्वत पर विराजमान| 52 शक्तिपीठों में एक मां शारदा आदिशक्ति जगत जननी| मां शारदा का मंदिर चढ़ा मनमानी एवं भेदभाव की भेंट|वही मंदिर में मौजूद आधा दर्जन से ज्यादा मां शारदा प्रबंधक समिति के कर्मचारियों अलावा| पैसे की नशे में चूर एवं लंबी पहुंच में मदमस्त असामाजिक तत्वों के द्वारा| दर्शनार्थियों के साथ इस तरीके भेदभाव किया जाता है जैसे कि देश के कोने कोने से आने वाला श्रद्धालु से कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो|जिसके कारण मंदिर गर्भ ग्रह के नजदीक पहुंचते ही|इस कदर का व्यवहार किया जाता है जैसे कि गरीब लाचार असहाय होना बहुत बड़ा पाप है| जबकि अगर देखा जाए तो रसूखदारो दर्शन करने का ऐसा सिस्टम उपलब्ध कराया जाता है जैसे कि|मंदिर में विराजमान मां शारदा की मनमोहित झलक फीकी पड़ जाती है|वहीं सबसे बड़ा सवाल कि आखिर धार्मिक स्थलों में भेदभाव की परंपरा आखिर कब खत्म होगी|और समाज में रह रहे सभी जाति धर्म समुदाय के लोगों के बीच आपसी भाईचारा कायम हो पाएगा❓