मध्यप्रदेश की जनता शिवराज के फन से बच कमलनाथ के जबड़े में फंसी।

 11 महीनों से खाली खजाने का रोना रो रही कमलनाथ सरकार जनता की पीड़ा समझने में नाकारा साबित हुई। प्रदेश में युवा का भविष्य अंधकार में। ना मेधावी छात्र योजना के रुपए छात्रों को मिले ना 70% से ऊपर अंक लाने वाले को लैपटॉप मिले। प्रतियोगी परीक्षाओं में फीस भर अपने गरीब माता-पिता की कमाई गवाने वाले छात्रों की सुनवाई कोई नहीं कर रहा है देवी अहिल्ल्या विश्वविद्यालय की एंट्रेंस परीक्षा निरस्त होने के बाद आज तक फीस लौटाई नही गयी। और शिक्षा मंत्री है कि बेस्ट मिनिस्टर का अवार्ड लेकर आ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर सरकार का विरोध करने वाली बीजेपी हनी ट्रैप मामले में बैकफुट पर है उसे भी जनता की कोई चिंता नहीं। चिंता है तो बस कहीं किसी विरोध प्रदर्शन का खामियाजा पार्टी को ना भुगतना पड़े इसलिए वह भी चुप हैं जनता के पास कांग्रेस बीजेपी के अलावा कोई विकल्प नहीं है इस बात से भलीभांति परिचित कांग्रेस बीजेपी दोनों मिलकर प्रदेश की जनता का भरपूर दोहन कर रही है। हनी ट्रैप मामले या पूर्व शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने खूब बढ़ चढ़कर बयान बाजी की लेकिन आज 11 महीने बाद भी किसी बीजेपी नेता पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ना ही हनी ट्रैप मामले को 3 महीने गुजरने के बाद भी किसी नेता का सामने नाम आया दोनों ही पार्टी को यह बात समझ लेना चाहिए जनता आज भले ही मजबूर है लेकिन दिल्ली में अगर कांग्रेस बीजेपी को छोड़ जनता केजरीवाल पर विश्वास कर सकती है तो मध्यप्रदेश भी इससे अछूता नहीं है दोनों ही पार्टी को छोड़ जनता भी विकल्प के बारे में सोच सकती है सावधान रहे कांग्रेसी सरकार।प्रतिभावान छात्रों की फीस,व लेपटॉप का किया वादा जल्द पूरा हो क्योंकि प्रदेश का युवा अगर रुठ गया तो कांग्रेस के लिये प्रदेश में भाविष्य की राह कठिन होते देर नही लगेगी।


अशोक रघुवंशी