मैहर नगरपालिका के दलाल कर्मचारियों द्वारा छीना गया अति गरीब बच्चों  का भविष्य

 


कड़कड़ाती ठंड में छत विहीन हुवा गरीव परिवार


 


सतना।। खबर है मैहर के आरकंडी की जंहा नगर पालिका की भूमि पर कुछ अति गरीव परिवार द्वारा किसी तरह रह कर गुजर बसर के लिए पन्नी तिरपाल का कच्चा घर झोपड़ी बनवा कर अपना वसर कर रहे थे। तथा वही पर लगी हुई नजूल की जमीन पर भी कुछ और भी मकान बने हुए थे कहा जय तो पूरा मैहर लगभग 50 प्रतिसत नजूल में ही बसा हुआ है लेकिन मैहर नगरपालिका सीएमओ श्री अक्षत बुन्देला के आदेशों पर राजस्व टीम द्वारा बिना जानकारी दिए गरीबो की झोपड़ी आशियाने को तहस नहस कर दिया गया पीड़ितों द्वारा बताया गया कि हमे एक भी दिन की मोहलत नही दी गई। यँहा तक कि घरो में रखा हुआ सामान भी नही उठाने दिया।जेसीबी मशीन से झोपड़ी को ध्वस्त कर दिया गया।  जब इस बात की जानकारी के लिए मैहर नगर पालिका सीएमओ श्री अक्षत बुन्देला जी से मुलाकात की गई सीएमओ साहब ने कहते हुए पलड़ा झाल लिया कि दो दिन पहले सूचना दी जा चुकी थी तथा राजस्व विभाग टीम को नगरपालिका भू कब्जा भूमि पर ही अतिकरण के लिए आदेशित किया गया था। लेकिन नगरपालिका टीम में शामिल दिनेश शुक्ला जो गरीव परिवार के  लोगों का खून चूसने के साथ साथ अभद्र व्योहार कर गाली गलौज करते हुए गरीब परिवार की कच्ची झोपड़ी को ध्वस्त करवा दिया।दिनेश शुक्ला पहले पैसों की माग कर रहा था।पैसा न मिलने पर घर गिरवा दिया। दिनेश शुक्ला वास्तविक तौर पर पंप चालक है।मगर अवैध तरीके से गरीब लोगों से धन उगाहने का काम करने के कारण सीएमओ अछत बुंदेला का भी ख़ास बना हुआ है।मिलीभगत का खेल साफ तौर पर देखने को मिल रही है। फिर सवाल यह उठता है कि मैहर आरकंडी नजूल में बने घरो पर अतिक्रमण कर किये गए नुकसान का छीने गए गरीबो के घरों का कौन है जिम्मे दार। गरीव मांग रहा है न्याय क्या इस गरीब परिवार को कही आशियाना घोसला दिला पायेंगे अछत बुंदेला।या यूं ही भटकते रहेंगें गरीब परिवार