नाबालिग से गैंगरेप व हत्या में फांसी की सजा बरकरार, याचिका खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कोयंबटूर में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में दोषी की सजा पर मुहर लगा दी। इस मामले में शीर्षकोर्ट ने फैसले पर पुनर्विचार वाली याचिका को खारिज कर दिया। दोषी ने 10 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके भाई की भी हत्या कर दी थी। जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बहुमत (21) के आधार पर दोषी मनोहरन की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मनोहरन के अपराध को समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताया। पीठ ने कहा कि फैसले पर दोबारा विचार करने का कोई आधार नहीं है। गत महीने सुप्रीम कोर्ट ने मनोहरन की फांसी पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि वह पहले उसकी दलील सुनना चाहता है। गत 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा पर मुहर लगाई थी।


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