परिवार में कलह रहती है तो करें यह आसान उपाय 

 
पारिवारिक कलह आज के समय में अधिकतर लोगों की समस्या बन गयी है | परिवार में कलह रहने से मानसिक विकार उत्पन्न होते है | एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए व समाज में मान-सम्मान प्राप्त करनेके लिए परिवार के सभी सदस्यों में आपसी प्रेम बहुत आवश्यक है | परिवार के सदस्यों के बीच कलह होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते है जैसे :- किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव होना , घर में पित्र दोष होना , घर में वास्तु दोष होने, भूमि दोष होना , परिवार के किसी एक या एक से अधिक सदस्यों पर शनि या राहू दशा का प्रभाव होना या फिर नशे की लत | ये सभी कारण बनते है परिवार में आपसी झगड़ें होने के पीछे | आज हम आपको कुछ ऐसे ज्योतिषीय उपाय बताने वाले है जिन्हें प्रयोग में लाने से परिवार में कलह दूर होती है |
उपाय
घर से कलह दूर रखने के लिए,प्रेम और सौहार्दय बनाए रखने के लिये घर में रोज या सप्ताह में एक बार नमक मिले पानी का पोछा अवश्य लगवाये। इससे घर में शान्ति का वातावरण बनता है।
*.अगर परिवार के पुरुषों में मनमुटाव है तो इसे दूर करने के लिए कदम्ब के पेड़ की छोटी सी टहनी घर में रखें। इससे घर में सुख-शांति आती है।
*.परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटावों को दूर करने के लिए पूर्णिमा के दिन पूरे घरमें गंगा का जल छिड़कना चाहिए।
*.दाम्पत्य जीवन को सुखी बनाने के लिए पांच गोमती चक्र को लाल सिन्दूर की डिब्बी में डालकर घर में रखे | ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच आपसी कलह दूर होता है |
*.घर में रसोई को अग्नि कोण में बनवाने का प्रत्यन करें | यदि ऐसा संभव न हो पाए तो घर के अग्नि कोण में एक बल्ब हमेशा जलायेरखे व इस स्थान को साफ़ सुथरा रखे |
*.घर में ईशान कोण में पूजा स्थल की स्थापना करें | ऐसा करने से भी घर में शांति बनती है |
*.घर में पोचा देते समय गोमूत्र का प्रयोग करें व समय-समय पर घर में गंगाजल और गोमूत्र मिलाकर इसका छिड़काव सभी जगहों पर करते रहे | शौचालय और स्नानगृह को छोड़ देना चाहिए |
*.घर में हर मंगलवार और शनिवार को लोहबाण और गुग्गल की धूणी देते रहे |
*.घर में जूते चप्पल रखने का एक निश्चित स्थान बनाये व कभी भी जूते-चप्पलों को उल्टा न रहने दे | इससे मानसिक तनाव पैदा होता है |
*.यदि किसी सदस्य को शराब या किसी अन्य नशेकी लत है तो उसे प्यार से समझाए | घर से नशा दूर होने से भी आपसी प्रेम बढ़ने लगता है
*.सोते समय अपने पलंग के नीचे एक लौटा जल भरकर रख दे | अगले दिन स्नान आदि व पाठ पूजा के बाद इस जल को पीपल के पेड़ में डालदे | रविवार के दिन को छोड़कर बाकी सभी दिनइस कार्य को करना चाहिए | इस कार्य को केवल परिवार के मुखिया के द्वारा ही किया जाना चाहिए | इससे परिवार में होने वाले अनायास झगडे और कलह दूर होने लगते है |
*.झाड़ू की दो सींखों को आपस में उल्टा करके नीले धागे से बाँध दे | अब इन दोनों सीखोंको घर के दक्षिण-पश्चिम स्थान पर रखे |