फिर चली अतिक्रमण विरोधी मुहिम फ्रूट विक्रेताओं ने प्रशासन पर लगाये भेदभाव के आरोप लोग चाहते है कि स्थाई अतिक्रमण भी हटे..


एंकर- बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर चिंतित स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर मुख्य बाज़ारों में अतिक्रमण विरोधी मुहिम वृहद स्तर पर चलाई, एक दिन पूर्व फुटपाथ पर फ्रूट के ठेले वालों को जब हटाया गया था, तो उन्होंने नगर-पालिका और प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाकर हंगामा भी किया ।
बात है राजगढ़ ज़िले के नरसिंहगढ़ शहर की ।
जी, हां...यहाँ अव्यवस्थित यातायात प्रशासन के लिए मुसीबत बना हुआ है..बाज़ारों में बेतरतीब खड़े फ्रूट के ठेले हों या दुकानों के बाहर रखा भारी सामान...आवागमन में ये भारी दिक़्क़त पैदा करते हैं।
यही सब देखकर पिछले दिनों कलेक्टर निधि निवेदिता ने शहर का निरीक्षण करते समय एसडीएम, नगर पालिका और पुलिस प्रशासन को शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त निर्देश दिए थे।



तब बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद पुनः सड़कें संकरी होने लगीं, फुटकर व्यापारियों का क़ब्ज़ा फुटपाथ पर होने लगा और पुनः जाम की स्तिथि पैदा हो गई ।
सोमवार को प्रशासन और नगर पालिका के अमले ने पुनः अतिक्रमण हटाने का बीड़ा उठाया..चॉकचौबन्द सुरक्षा के बीच बाज़ार के हर कोने से अतिक्रमण हटाया गया..सड़क पर व्यवसाय करने वालों को दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए समझाइश के साथ कड़ी चेतावनी भी दी गई।



हॉलांकि प्रशासन की इस कार्रवाई से नागरिकों में असंतोष भी देखने को मिला, लोगों ने प्रशासन पर फुटकर व्यापारियों को बेवजह परेशान करने और स्थायी अतिक्रमण न हटाते हुए सिर्फ उन्हें ही प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया, लोगो का कहना है कि प्रशासन करोड़ों की क़ीमती शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने में न केवल नाकाम है अपितु ऐसे लोगों को संरक्षण भी दे रहा है ।
खैर... ये आरोप भी अपनी जगह सही हो सकते हैं, लेकिन प्रशासन ने तत्काल जो क़दम उठाए हैं उनसे भी नागरिकों को बहुत राहत मिली है।
बाइट-cmo धीरज शर्मा


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