पिता के घर में भी नहीं है बेटियॉ सुरक्षित सौतेले पिता को दुष् कर्म के अपराध में आजीवन कारावास

 


 भोजताल संवाददाता -भोपाल जिला अभियोजन कार्यालय के मीडिया सेल प्रभारी योगेश तिवारी ने भोजताल की नगरी संवाददाता को बताया कि दिनांक 23 .07 .2018 को थाना खजूरी सडक में पीडिता उम्र 15 वर्ष द्वारा रिपोर्ट लेख कराई गयी कि मेरी मां ने घटना से तीन साल पहले मेरे सौतेले पिता बलवीर सिंह से शादी की थी उस समय पीडिता की उम्र लगभग 10 - 12 वर्ष की थी पीडिता अपनी मां के साथ आयी थी घर में मेरे दादाजी तथा दो बहने रहते थे मेरी मां की शादी के तीन साल बाद मृत यु हो गयी थी । मृत यु हो जाने के कारण पीडिता की बुआ घर में रहती थी बुआ अपने घर चली गयी थी । दादाजी बाहर सोते थे पीडिता अपनी बहनो के साथ सोती थी जो सौतेले पिता की लडकिया थी । सौतेला पिता अलग कमरे में सोता था । एक दिन रात्रि के समय सौतेला पिता आया और पीडिता से बोला कि किचन के बर्तन गिर गये है तब पीडिता बोली की सुबह जमा दूंगी तो पिता डाट कर बोला तो पीडिता डर के कारण किचन में गयी । पीछे से सौतेला पिता आ गया और उसने अपने कपडे उतारे और पीडिता के साथ गलत काम किया । जब पीडिता की सौतेली बहने सो जाती थी तब भी मुझे उठा कर ले गया और पीडिता के साथ गलत काम करता था पीडिता ने घटना के बारे में पडोसियो को बताया और जाकर थाने में रिपोर्ट लेख करायी थी थाने में घटना के समय के कपडे भी जप् त कराये थे उक् त कपडो में अभियुक्त का अभियोकत्री से डी . एन . ए . प्रोफाइल मैच हुआ । उक्त प्रकरण थाना खजूरी सडक में पंजीबद्ध होकर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र सक्षम न् यायालय में प्रस्तु त किया गया । उक् त प्रकरण में माननीय न् यायालय श्रीमती कुमु दनी पटेल अपर सत्र न् यायाधीश भोपाल द्वारा आरोपी बलवीर ठाकुर उम्र 34 वर्ष पता ग्राम बैरागढ कला को दोषी पाया । आरोपी बलवीर ठाकुर को धारा 376 ( 3 ) भादवि में आजीवन कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण ड , धारा 376 ( 2 ) ( एफ ) भादवि एवं 5 ( एन ) / 6 पाक् सो एक्ट में आजीवन कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण ड , धारा 376 ( 2 ) ( 2 ) ( एन ) भादवि एवं 5 ( एन ) / 6 पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदण ड से दंडित किया गया । अर्थदण् डने देने पर 6 माह के अतिरिक् त् सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया । उक्त प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन श्री टी . पी . गौतम विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया जिसमें उनका सक्रिय सहयोग श्रीमती श्रीमती रचना श्रीवास तव एवं श्रीमती मनीषा पटेल विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया ।