पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू कराने आंदोलन का शंखनाद किया

अपना लक्ष्य


सतना राज्य शिक्षक संघ के बैनर तले रविवार को सिविल लाइन चौराहे में महात्मा गांधी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली न्याय यात्रा का शुभारंभ किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर अध्यापक संवर्ग की ज्वलंत समस्याओं का पांच सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए शीघ्र निराकरण की मांग की गईइसके पूर्व चौपाटी में धरना देते हुए आमसभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए संघ के संरक्षक दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि आरटीई के तहत सरकार षड्यंत्र पूर्वक सरकारी शिक्षा का बंटाधार कर रही है। आरटीई के माध्यम से सरकार निजीकरण की ओर कदम बढ़ा रही है। ऐसे में सचेत होकर हर हाल में शासकीय शिक्षा को बचाना है। साथ ही उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू कराने का संकल्प दिलाते हुए बड़े आंदोलन का शंखनाद भी कियासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि सतना जिले के अध्यापकों की गंभीर समस्याओं का निराकरण कराने के लिए भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त से मिलकर चर्चा करूंगा यदि बात नहीं बनी तो वहीं पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटूंगा। संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष और जिला अध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि लगभग 1 हजार अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी राज्य शिक्षा सेवा कैडर में नियुक्ति से वंचित है, 12 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के बाद भी अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी क्रमोन्नत से वंचित हैं, ऑनलाइन स्थानांतरण के होल्ड प्रकरण के पदांकन आदेश 3 माह से लंबित है। जिससे कर्मचारी वेदना से ग्रसित हैं। श्री त्रिपाठी ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा शीघ्र समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो फिर संघ आमरण अनशन जैसे आंदोलन की राह पकड़ने के लिए विवश होगा। उन्होंने सातवें वेतनमान का भुगतान नवंबर माह के वेतन के साथ किए जाने की मांग भी उठाई है।