राम मंदिर में सोने-चांदी के पत्तरों पर खूबसूरत चित्र उकेरेंगे काशी के रिपोजी कलाकार

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जल्द होना तय


अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ ही शिव नगरी काशी में रहने वाले कसेरा समाज के रिपोजी कलाकार मंदिर निर्माण को लेकर बेहद उत्साहित हैं। सोने-चांदी के पत्तर पर खूबसूरत चित्र उकेरने की कला को रिपोजी कहते हैं। वाराणसी के रिपोजी कलाकारों का काम पूरी दुनिया में मशहूर है। रिपोजी कारीगर राम मंदिर में सोने-चांदी के पत्तर पर खूबसूरत चित्र उकेरने के लिए आमंत्रण मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मुरादाबाद को पीतल की नगरी का दर्जा भले ही मिला हो पर काशी में आदिकाल से कसेरा समाज के लोगों को मेटल रिपोजीसे लेकर मंदिर में मधुर स्वर देने वाले पीतल के घंटे अखंडदीप, कलश आदि बनाने में महारत हासिल है। यहां के शिल्पियों का हुनर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के साथ- साथ वैष्णो देवी समेत देश के अन्य प्रमुख मंदिर व मठों में देखा जा सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच निर्मित होने वाले करतारपुर कॉरिडोर में पीतल रिपोजी के काम के लिए यहीं के कारीगर पहुंचे हैं। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जल्द होना तय हो जाने से पुरानी काशी यानी पक्का महाल के काशीपुरा मोहल्ले में कई पीढ़ियों से बसे कसेरा समाज के लोग अपने-अपने ढंग से तैयारियों में जुट गए हैं। मेटल रिपोजी के प्रमुख कारीगर लखन कसेरा, रवींद्र कुमार, किशोरीजीऔर इनके जैसे दर्जनों शिल्पियों का कहना है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा तो सोने-चांदी से दीवारों पर खूबसूरत रिपोजी से लेकर द्वार, गुबंद-पिलर बनाने का काम होना तय है और इसे काशी के कारीगर ही करेंगे, इसमें भी संशय नहीं है। ऐसे में सैकड़ों कारीगरों की अपने ईष्ट के प्रति श्रद्धा कारसेवा के रूप में सामने आएगी। लखन बताते हैं कि कसेरा समाज के पदाधिकारी मंदिर में मेटल रिपोजी के लिए पहल करेंगे। काशीपुरा में बना पीतल का घंटा, पूर्वांचल और देश के कोने-कोने के अलावा पशुपतिनाथ मंदिर तक जाता है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने से वहां लोगों की आवाजाही बढ़ेगी।



रामनवमी से शुरू हो सकता है अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण


सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि अगले साल 2 अप्रैल को भगवान राम के जन्मदिन रामनवमी के दिन एक विशेष कार्यक्रम में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो सकता है। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण के लिए टाइमलाइन सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के आदेश के मुताबिक ही है। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए तीन माह के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह राम मंदिर का शिलान्यास होगा या नहीं, क्योंकि वर्ष 1989 में राम मंदिर का शिलान्यास हो चुका है। मंदिर बनाने में दो से तीन साल का समय लग सकता है। उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के जिलाधिकारी से मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन के लिए 3-4 वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने के लिए कहा है। अहम लोकेशन वाला भूखंड सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक विवादित 2.77 एकड़ जमीन प्रस्तावित ट्रस्ट को सौंपने और पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने का काम एक साथ होना है। वक्फ बोर्ड इसी महीने तय करेगा कि क्या वह पांच एकड़ जमीन लेगा और अगर हां तो कहां की जमीन लेगा। ।