सड़क निर्माण कार्य मे ठेकेदार की मनमानी

पीडब्लूडी की सड़क,एमपीआरडीसी की सड़क,जी हां,इन दिनों जैसा कि जिगना से गोरसरी मार्ग चौड़ीकरण का टेंडर 456/19 इंदौर की कम्पनी पी.डी अग्रवाल इंफ्रास्ट्रक्टर के पास है,जिसमे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ,कर्मचारियो का किसी भी तरह से लेना देना नही है,क्षेत्रीय स्टाफ को न तो ठेकेदार द्वारा कोई अहमियत दी जाती और न ही एमपीआरडीसी द्वारा कोई जिम्मेवारी दी गई,जिसके चलते सम्बंधित अमला सिर्फ काम होते देखने का अधिकारी है आम जनता जनार्दन की तरह,भले ही ठेकेदार निर्माण कार्यो में कितनी भी मनमानी करें, प्राप्त जानकारी के अनुसार अरबो रुपये के टेंडर में सम्बंधित निर्माण फर्म द्वारा निर्माण कार्यो में मनमानी किये जाने की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है,जैसा कि इन दिनों उक्त एजेंसी द्वारा मार्ग के पुलिओ को दुरस्त किया जा रहा हैं, मगर निर्माण कार्य मे कही जाल बना कर डाला जा रहा है तो कही बिना जाल बनाये ही निर्माण कार्य जारी है,बिना बेस,के मनमानी मशाला बनाकर,सिचाई के लिए थूंक का उपयोग जारी है,कस्बे के आजू-बाजू हल्के-फुल्के पानी का छिड़काव करके टेंडर का वर्क और एस्टीमेट चल रहा है,



जिम्मेवारो के दुर्लभ दर्शन के चलते ठेकेदार को मनमानी करने का भरपूर अवसर मिल रहा है,इसी तरह मिट्टी,मुरुम,गिट्टी आदि के लिए बिना पिटपास, लीज के निर्माण सामग्री का उपयोग भी धड़ल्ले से चालू है,क्षेत्रीय खनिज माफिया के भरपूर सहयोग के चलते सड़क निर्माण व चौड़ीकरण के कामो में गति आ चुकी है,और क्षेत्र की आम जनता,धूल और कचरे  और खतरे के बीच आवागमन करती नजर आ रही है,सिर्फ ठेकेदार का बोर्ड लगाकर काम प्रारम्भ है और पीएम,पीआरओ,जीएम, की ठसक में एमपीआरडीसी के जिम्मेवार दीवाली मनाने में ब्यस्त दिखते है...और ठेके का काम ठोक बजाकर ठुक रहा है और पीडब्लूडी विभाग   के हिस्से में बनी सड़क ही हैंडओवर हो सकती है,तब तक थोक और पेटी कॉन्ट्रैक्टर सरकारी राजस्व में डुबकी लगाकर आमो खास को चौड़ी सड़क का उपहार देने में मस्त नजर आते है| ✍