साइकिल पर सवार होकर बॉर्डर पार पहुंचे एमपी के ये दो युवक, सेना ने आतंकी समझा और फिर

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इंदौर। साइकिल यात्रा ​पर निकले मध्य प्रदेश के दो युवकों ने कई खट्टे मीठे अनुभव भी मिले। कहीं इन्हें आतंकी समझ लिया गया तो कहीं चोर समझकर पिटने की नौबत आ गई। इनके साथ ही बिहार की पुलिस ने इनकी शानदार मेहमानवाजी की। दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार मध्य प्रदेश के इंदौर में प्राकृतिक चिकित्सा करने वाले बजरंग नगर निवासी सुरेश सोलंकी और मोबाइल दुकान संचालक जूनी इंदौर निवासी पीयूष महाजन साइकिल से भूटान और नेपाल तक घूम आए।


दोनों ने 7 जुलाई को इंदौर से यात्रा शुरू की है। दोनों पहले दिन देवास नाका घूमने निकले थे और अचानक मूड हो गया कि आगे चलेंगे। घूमते-घूमते ग्वालियर-आगरा होते हुए मथुरा-वृंदावन पहुंचे।



दो दिन रुकने के बाद गोरखपुर से नेपाल और फिर बिहार आए। दोनों ने बताया कि बिहार की राम नगर पुलिस ने उन्हें मेहमान मानकर खातिरदारी की, लेकिन पश्चिम बंगाल के क्रांतिनगर में 40 से ज्यादा लोगों ने दोनों को बच्चा चोर समझकर घेर लिया और मारपीट पर उतारू हो गए। तभी एक युवक ने पुलिस को फोन लगाकर बुला लिया।


भूटान बॉर्डर पर लोगों ने धमकाया


दोनों भूटान बॉर्डर पर पहुंचे तो वहां भी लोगों ने धमकाया। गालियां दी और कहा कि चोरियां करने आए हो। बॉर्डर पर दोनों को रोका और कहा कि वहां सिर्फ गियर वाली साइकिल ही जा सकेगी। इस कारण दोनों ने बॉर्डर पर साइकिल खड़ी की और लोकल बस से दो दिन भूटान यात्रा की।


सेना वाले आतंकी समझ बैठे


पीयूष ने बताया जब वे सिक्किम के कलिंगपोंग पहुंचे तो वहां एक पुलिसकर्मी ने रोका। बोला कि तुम मध्यप्रदेश से चोरी करने के बाद यहां आए हो। घंटेभर सख्ती से पूछताछ के बाद जब दोनों ने परिवार वालों से बात कराई तो पुलिस ने उन्हें कहा कि ऊपर पहाड़ी पर जाओ। जब वे रात को रुकने के लिए पहाड़ी पर ऊपर पहुंचे तो सेना के जवानों ने रोक लिया। उन्हें आतंकी समझ दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की। जब उन्हें यकीन हो गया कि वे यात्री हैं तो देर रात उन्हें छोड़ दिया।