संसदीय क्षेत्र में मुस्लिम समाज मे सब से जागरूक और होशियार शेख कोलगर बिरादरी है

 


शेख कोलगर बिरादरी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ चलो भविष्य तुम्हारा इन्तेजार कर रहा है



मंदसौर/ मंदसौर संसदीय क्षेत्र में मुस्लिम समाज मे कई बिरादरियां है परन्तु शिक्षा ,व्यवसाय, और राजनीतिक क्षेत्र में शेख कोलगर बिरादरी के मुकाबले सब पिछड़े हुए है  वेसे देखा जाए तो शेख बिरादरी पूरे संसदीय क्षेत्र में अन्य मुस्लिम बिरादरियों के मुक़ाबले में सब से कम है लेकिन प्रतिभा ,जुनून ,काबिलियत के मामले में अन्य बिरादरियां इनसे पिछड़ी हुई है संसदीय क्षेत्र के मंदसौर जिले की मंदसौर तहसील में _50 से _60 घर है और नीमच में _10 से _20 घर है परंतु छोटे कस्बो में न के बराबर है पर योग्यता के मामले में यह बिरादरी सब पर भारी है संख्या बल में भले ही कम हो पर इनका दबदबा पूरी मुस्लिम समाज में कायम होने के साथ ही व्यापार व्यवसाय और राजनीतिक क्षेत्र में पूरी तरह स्थापित हो चुकी यह समाज अन्य समाजो के लिए एक मिसाल है इनके सामाजिक स्तर पर चाहे कितने ही मतभेद हो लेकिन व्यवसायिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के मामलों में यह सब एक साथ होकर एक दूसरे की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है जंहा कोई भी राजनीतिक दल हो इनकी बिना सहमति से कोई फैसला नही लेता है जब बीजेपी की सरकार हो तो उसमे मुस्लिम समाज की संस्था हो या संघटन में महत्वपूर्ण पदों पर काबिज होना इनकी पहली प्राथमिकता में है वही जंहा कांग्रेस सत्ता में हो तो या सन्गठन में हो इनके बगैर मुस्लिम समाज मे कोई कार्य नही कर सकती है जब भाजपा की सरकार थी तो 15 साल से मुस्लिम संस्थाए इन्ही के हाथों में थी और आज कांग्रेस सत्ता में है तो शेख कोलगर बिरादरी का अपना अस्तित्व है जंहा आज मंदसौर की बात की जाए तो भाजपा शाशन में वक़्फ़ कमेटियों से लेकर अंजुमन में इनका दबदबा कायम रहता है तो आज कांग्रेस शाशन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर पार्षद और नगर पालिका अध्यक्ष और नीमच जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष जैसे उच्च पदों पर रह कर यह समाज मुस्लिम समाज को गोरवन्तित कर रही है कहते है कि इस बिरादरी को मुस्लिम समाज की बनिया कोम कहा जाता है में भी इस समाज की काबिलियत और    होशियारी का कायल हु क्योकि कहते है कि बनिये का दिमाग और मियां भई की डेरिंग इनमे कूट कूट के भरी हुई है आज मुस्लिम समाज की जितनी भी बिरादरियां वो सब इनके पीछे है लाख भले अन्य बिरादरिया इनसे संख्या बल में अधिक है पर योग्यता के मामले में सब इनके पीछे है मेरी तो कोम की पिछड़ी बिरादरियों से निवेदन और गुजारिश है कि एक दूसरे की टांग खीचने की बजाय शेख कोलगर बिरादरी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़कर अपनी समाजो का नाम रोशन करे जीवन मे अवसर और मोके बहुत कम मिलते है और मोके गंवा देने वालो को वक़्त कभी माफ नही करता है इतिहास बनते नही बनाने पढ़ते है कुछ तो सिख लो शेख कोलगर बिरादरी से और इन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ो भविष्य तुम्हारा इन्तेजार कर रहा है