सर्वर की धीमी चाल, 9 दिन में 17 फीसदी को बंट पाया राशन

 


अपना लक्ष्य


भोपाल सर्वर डाउन होने के कारण शहर में राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। कुछ देर के लिए सर्वर आता भी है तो चुनिंदा हितग्राहियों को ही गेहूं-चावल का वितरण हो पाता है। शनिवार को तो हितग्राही राशन के लिए दिन भर इंतजार करते रहे, लेकिन सर्वर डाउन होने के मिल कारण इन्हेंली हाथ ही जाना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्ग हितग्राहियों को हुई। इन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद भी राशन नहीं मिल सका। माह की 9 तारीख बीतने के बाद गी मात्र 17 फीसदी लोगों को ही राशन मिल सका है। यही हाल प्रदेशभर के हैं। इधर, खाद्य मंत्री प्रद्धमुन सिंह तोमर ने राशन वितरण में रोड़ा बन रहे सर्वर को लेकर अफसरों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संचालक द्य को निर्देश दिए हैं कि जहां भी सर्वर के कारण परेशानी आ रही है, वहां रजिस्टर पंजी से राशन का वितरण कराया जाए। 


एक को किया लैक लिस्टेड दूसरी कंपनी बेहाल


खाद्य विभाग ने डीएसके कंपनी की पीओएस मशीनों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इसके बाद विजन टेक को मशीन लगाने की जिम्मेदारी दी गई। कंपनी ने मशीनें तो स्टाल कर दी, लेकिन जैसी उमीद थी, वैसे लाख हितग्राहियों को नहीं मिल सका। आज भी राशन वितरण को लेकर रोजाना हजारों शिकायतें प्रदेशभर से आ रही हैं। अकेले राजधानी से डेढ़ सौ से दो


सौ शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।


दशहरा और दीपावली में भी समय पर नहीं मिला था राशन ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, इसके पहले भ्र कई बार राजधानी में ऐसी स्थिति बन चुकी है। हाल ही में दशहरा और दीपावली के दौरान भी हितग्राहियों को राशन के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। इस दौरान अफसरों ने दावा किया था कि अगले महीने से हितग्राहियों को परेशानी नहीं होगी, लेकिन यह दावेले साबित हुए। एक बार फिर गरीब अपनी मजदूरी छोड़कर राशन के लिए घंटो लाइन में लग रहा है। इसके बाद भी गारंटी नहीं की उसे गेहूं-चावल मिल जाए।


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