सतना जिला न्यायालय में लोकोपयोगी कोर्ट जिसके अधिकारी प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं

उनके न्यायालय में नगर निगम के विरुद्ध राजीव खरे द्वारा एक लोकोपयोगी केस लगाया गया है जिसमें न्यायालय ने यह आदेश पारित किया है आयुक्त नगर निगम सतना शहर के आवारा पशुओं में जो सड़कों पर बैठते हैं उन्हें शहर से हटाया जा करके गौशालाओं में जमा कराया जाए और आवारा कुत्तों को अभी हटाया जाए कुत्तों को विषय कुत्तों के विषय में आयुक्त नगर निगम की ओर से यह दलील दी गई कि कुत्तों  कुत्तों को पकड़ने के लिए बाहर से एक्सपर्ट बुलाने होंगे जिसमें समय लग सकता है लेकिन लेकिन विगत 1 वर्षों से गायों को पकड़ने का भी कोई    रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया कोर्ट ने यह आदेश पारित किया कि 19 दिसंबर को अगली पेशी पर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि नगर निगम ने क्या कार्रवाई की है अब देखना है कि नगर निगम के कर्मचारी कितनी आवारा पशुओं को पकड़ती है और कोर्ट को क्या बताती है यदि कोर्ट में उचित रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की जाती है   कोर्ट  कमिश्नर को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध कोर्ट कार्यवाही करेग


Popular posts from this blog

आंगनबाड़ी केंद्र वार्ड नं 13 में किया गया टीकाकरण कार्यक्रम

कोतमा में राजश्री सहित कई  उत्पादों की कालाबाज़ारी जोरों पर

जनता के हितार्थ कार्य ही मेरी पहली प्राथमिकता : सुनील सराफ