सतना ट्रामा यूनिट:06 साल में बना भवन, अब न चिकित्सक न उपकरण, रेफर का दर्द झेल रहे मरीज

 


सतना/ ट्रॉमा यूनिट की उम्मीदों से पानी फिरता जा रहा। जिला अस्पताल परिसर में छह साल में सिर्फ भवन ही बन पाया है। अब यहां न तो डॉक्टर हैं और न ही चिकित्सा सुविधाएं। इस कारण जिला अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को चिकित्सक जबलपुर, रीवा रेफर कर रहे हैं। रोजाना 5 से 7 गंभीर मरीज और उनके परिजन रेफर का दर्द झेल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन, जिला प्रशासन और जिले के जनप्रतिनिधि इस समस्या को दूर कराने आगे नहीं आ रहे।



जिला अस्पताल परिसर में 399.69 लाख रुपए की लागत से बने ट्रॉमा यूनिट भवन का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 31 मई 18 को किया था। एक साल से अधिक की समयावधि बीतने के बाद भी यहां न तो चिकित्सकों की पदस्थापना हो पाई और न इकाई को आवश्यक उपकरण मिल पाए हैं। इस वजह से गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में चिकित्सा नहीं मिल पा रही है।
न चिकित्सक मिले न उपकरण ट्रॉमा यूनिट भवन का लोकार्पण तो कर दिया गया, लेकिन न तो चिकित्सकों की पदस्थापना की गई और न ही उपकरण भेजे गए। इकाई में अब तक विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल ऑफिसर सहित


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