शहर के सड़कों की दुश्मन बन गई केके स्पंज कंपनी सीवरेज प्रोजेक्ट के नाम पर लीपापोती से बने हालात

Dainik Apna Lakshya


 


रीवा रिपोर्ट। जलभराव की समस्या से जूझने वाली रिमही जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार के जिस अमृत योजना में रीवा को शामिल किया गया था, उसके अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्य पर सुनियोजित तरीके से पलीता लगाने का काम वही एजेंसी कर रही है जिसको ठेका दिया गया है। मध्य प्रदेश के तकरीबन आधा दर्जन नगर निगम क्षेत्रो में सीवरेज प्रोजेक्ट का काम तत्कालीन भाजपा सरकार के प्रेशर में एक ऐसी एजेंसी को दिया गया जिसने पहले कभी इस तरह के बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं किया है। संभागीय मुख्यालय रीवा शहर में सड़कों का हुलिया खराब करने का जिम्मा सीवरेज प्रोजेक्ट वाली एजेंसी केके स्पंज कंपनी दिल्ली ने संभाल रखा है। दिसंबर 2016 में तत्कालीन मंत्री और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल और रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने संयुक्त रूप से भूमि-पूजन कर बड़े प्रोजेक्ट का काम शुरू कराया था। कछुआ गति से निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी पर नगर निगम का कोई भी अधिकारी किसी तरह का दबाव नहीं बना पाया। शहर मुख्यालय के जिस भी हिस्से में अब तक केके स्पंज कंपनी ने सीवर लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा, वहां की हालत बद से बद्तर हो गई। शहर में ऐसा कोई एक भी मार्ग नहीं है



जिसकी हालत सीवर लाइन डालने के बाद पहले की तरह बेहतर नजर आती हो। निरंतर निर्माण कार्य करना कंपनी के प्रबंधन ने कभी जरुरी ही नहीं समझा। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर केके स्पंज कंपनी दिल्ली सीवरेज प्रोजेक्ट का काम रीवा शहर में घसीटते हुए कर रही है। सूत्रों की मानें तो सीवरेज प्रोजेक्ट जैसे बड़े काम का केके स्पंज कंपनी को पुराना कोई अनुभव नहीं है, यह नामचीन कंपनी अभी तक मात्र सीवरेज पाइप बनाने का ही काम करती रही है। तत्कालीन भाजपा सरकार के आला कमान ने बेहतर तालमेल होने और दिल्ली दरबार में मजबूत पकड़ होने के कारण ही बिना कुछ सोचे समझे केके स्पंज कंपनी दिल्ली को करोड़ों का सीवरेज प्रोजेक्ट सौंप दिया। जिसका नतीजा आज आम जनता के सामने भारी परेशानी के रुप में सामने आ गया है।