विदेशी मीडिया ने अयोध्या फैसला पर मोदी की जीत बताया

नई दिल्ली


अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला विदेशी मीडिया में छाया रहा। मालूम हो रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित जमीन का मसला जो भारत में सदियों से चल रहा था, इस फैसले का इंतजार न सिर्फ पूरा देश बल्कि दुनिया कर रही थी, क्योंकि ये भारतीय इतिहास और राजनीतिक चश्मे से भी काफी बड़ा फैसला रहा। दुनिया की बड़ी न्यूज एजेंसियों, अखबारों, मीडियासाइट और न्यूज चैनलों ने अयोध्या पर भरपूर कवरेज किया और इसे पीएम मोदी की बड़ी जीत बताया गया। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस फैसले पर विस्तार से खबर लिखी, जिसकी हेडलाइन 'कोर्ट बैक्स हिंदूज ऑन अयोध्या, हेंडिंग मोदी विक्टरी इन हिज बिड टू रीमेक इंडिया' रही। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने आर्टिकल में लिखा है... भारत की सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक काफी पुराने मामले में हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस विवादित स्थल पर मुस्लिमों के द्वारा दावा किया जा रहा था। ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके फॉलोवर्स के लिए देश को सेक्युलर नींव से हटाकर हिंदू बनाने की ओर बड़ी जीत है। अमेरिका के ही एक और अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने भी इस मामले को कवर किया और हेडलाइन दी 'इंडियाज सुप्रीम कोर्ट क्लियरस वे फॉर ए हिंदू टेंपल एट कंट्रीज मोस्ट डिस्प्यूटिड रिलीजियस साइट', लेख में लिखा गया है, 'अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करना भारतीय जनता पार्टी और अन्य हिंदू राष्टवादियों के लिए एक बड़ा लक्ष्य था। शीर्ष कोर्ट ने अयोध्या पर फैसला देते हुए बंद किए मथुरा, काशी पर मुकदमे के रास्ते? नई दिल्ली। अयोध्या पर जमीन विवाद पर सर्वोच्च अदालत का फैसला आ गया और इस फैसले को सुनाते हुए कोर्ट ने विवादित भूमि हिंदुओं को देने और मुस्लिम पक्ष के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित करने आदेश देकर भविष्य के लिए भी बड़ी लकीर खींची है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के साथ ही काशी और मथुरा में मौजूदा स्थिति किसी भी तरह के बदलाव के लिए याचिकाओं के दरवाजे भी एक तरह से बंद हो गए हैं। यहां भी लंबे समय से पूजा को लेकर विवाद रहा है।