विदेशियों को यूएस में रहने में मदद के लिए 8 भारतीयों को सजा

अमेरिका के फर्जी विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाने के आरोपी 8 भारतीयों को जेल की सजा पूरी होने के बाद भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमाशुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के प्रवक्ता खालिद वाल्स ने ईमेल से पूछे गए सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। वाल्स ने कहा सभी 8 भारतीय मूल के आरोपियों को दोषी पाया गया है और उनकी सजा की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें भारत वापस भेज दिया जाएगा। गौरतलब है कि भारतीय मूल के 8 लोगों पर फरवरी 2017 से लेकर जनवरी 2019 तक विदेशी छात्रों को अवैध तरीके से यूएस में रहने और काम करने में मदद देने का आरोप था। दोषी पाए जाने के बाद आरोपियों को जेल की सजा सुनाई गई थी। इनमें प्रेमॉन्ट के रहने वाले संतोष समा को 24 महीने, लेक मैरी के बराथ काकीरेड्डी और कल्पेपर के रहने वाले सुरेश कांडला को 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। वहीं, हैरिसबर्ग के रहने वाले अविनाश थक्कलपल्ली को 15 महीने, अटलांटा के अश्वंत नूने और डलास के नवीन प्रतिपति को 12 महीने की जेल की सजा मिली थी। वाल्स ने बताया कि 7वें आरोपी प्रेम रामपीसा को 19 नवंबर को सजा सुनाई जाएगी। वहीं 8वें आरोपी फानीदीप करनाती पर फैसला अगले साल जनवरी में लिया जाएगा। गौरतलब है कि इस साल फार्मिंगटन विश्वविद्यालय के तकरीबन 145 छात्रों को भी यूएस में अपनी गैर- आप्रवासी स्थिति को बरकरार रखने में विफल रहने के बाद हिरासत में ले लिया गया था और बाद में उनका भारत में प्रत्यर्पण कर दिया गया था।