अवैध खनन माफियाओं के गर्दिश की मार से कराह रहा चित्रकूट


अवैध खनन के चलते प्राकृतिक सौंदर्य वन संपदा का हो रहा दोहन


सरकार जँहा धर्मनगरी चित्रकूट को विश्वपटल पर लाने के लिये व प्राकृतिक सौन्दर्यो को बढ़ावा दे कर धर्मनगरी के चहुमुखी विकास हेतु लगातार प्रयासरत है तथा धर्मनगरी चित्रकूट को हवाई मार्ग से लेकर मुख्य मार्गो तक जोड़ने का कार्य कर रही है तो वही खनन माफिया  बुन्देलखंण्ड का स्वर्ग कहे जाने वाले धर्मनगरी चित्रकूट की मनमोहक छटा विखेरने वाली विंध्य पर्वत श्रृंखला को खोखला कर वन संपदा व वनजीवो को खत्म करने में जी जान से जुटे है।जिसके चलते आये दिन वन्य जीवों की मौत व पहाड़ो के आस पास रहने वाले गरीब मजदूरों की मौत की खबर सुर्खिया बन कागजो में सिमट कर रह जाती है।
और तो और धर्मनगरी की जीवनदायनी कही जाने वाली राम गंगा मा मन्दाकिनी नदी भी इन दुर्दान्त माफियाओं से अछूती नही रही भगवान श्री राम चन्द्र जी के वनवास काल के दौरान भ्राता लक्ष्मण माता जानकी जी के साथ      इसी जीवनदायनी मन्दाकिनी के तट पर कठिन तप कर वनवासकाल का समय व्यतीत किये थे वही आज उसी जीवनदायनी नदी को नरपिशाच रूपी राक्षस खनन माफिया नदी की बीच जल धारा में भारी भरकम मशीनें चलाकर अमृत रूपी जीवनदायनी नदी की कोख को छलनी करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे,जिसके चलते जलीव जीवों की लगातार मौत हो रही है और विलुप्त होते जा रहे है।वहीं प्रदूषण का खतरा भी दिन ब दिन मंडराता नजर आ रहा है जिसमे नदियों के किनारे रहने वाले गाँवो में व प्यास बुझाने वाले जानवर दूषित पानी पीकर बीमारी के शिकार होते नजर आ रहे है।


बताते चले कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन को लेकर आये दिन कार्यवाही की जा रही है,वावजूद इसके खनन माफिया अपने मंसूबो पर कामयाब होते नजर आ रहे है।


कौन है जिम्मेदार,एक गम्भीर चिन्तनीय विषय⁉


आशीष उपाध्याय
जिला संवाददाता
बुन्देलखंण्ड न्यूज़,चित्रकूट