भाजपा का मंडल स्तर पर खेत धरना आंदोलन 14 दिसंबर को


- किसानों की समस्याओं व कमलनाथ सरकार की वादा खिलाफी के विरुद्ध होगा आंदोलन
- किसानों को नहीं मिला कर्जमाफी व मुआवजा का लाभ, ब्लैक में खरीदना पड़ रही है यूरिया 
सीधी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश व्यापी आह्वान के अंतर्गत किसानों की कर्जमाफी, यूरिया संकट जैसी ज्वलंत समस्याओं व कमलनाथ सरकार की किसानों के साथ की गई वादा खिलाफी को लेकर 14 दिसंबर को दोपहर 12 से अपराह्न तीन बजे तक मंडल स्तर पर खेत धरना आंदोलन किया जाएगा। उक्त आंदोलन में किसानों के साथ भाजपा के समस्त प्रदेश, जिला, मोर्चा, मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भागीदारी करते हुए प्रदेश सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने के लिए मजबूर करेंगे। 
ज्ञात हो कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के निर्देशानुसार जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान के नेतृत्व में जिले के 15 मंडलों में खेत धरना आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने जिले के सभी मंडल अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपते हुए किसान हित में खेत धरना आंदोलन को प्रभावी बनाने का आह्वान किया है। जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने निर्देशित किया जिन मंडलों में अभी नए अध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हुआ है वहां वर्तमान अध्यक्ष तथा नवगठित मंडल में मंडल द्वारा तय पदाधिकारी के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा। हम सभी को किसानों से बड़ी संख्या में संपर्क कर इस खेत धरना आंदोलन को प्रभावी बनाते हुए प्रदेश सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने के लिये मजबूर करना है। श्री सिंह ने कहा मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार अस्तित्व में आने के बाद से ही प्रदेश के किसानों की उपेक्षा प्रारंभ हो गई थी। कांग्रेस दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का वादा करके सत्ता में आई। आज तक एक भी किसान का दो लाख का कर्जा माफ नहीं हुआ है, यह सर्वविदित तथ्य है। इसके बाद मध्यप्रदेश के अनेक जिलों में अतिवृष्टि और भीषण बाढ़ से किसान तबाह हो गया। उनकी फसलें चौपट हो गईं, मवेशी बह गये और मकान भी धराशायी हो गए। भाजपा के आंदोलन से घबराकर सरकार ने आपदा पीड़ित सभी किसानों को पूरा मुआवजा देने का वादा तो किया लेकिन यह भी एक धोखा ही साबित हुआ। केंद्र सरकार ने आपदा पीड़ित किसानों के लिये एक हजार करोड़ रुपया प्रदेश को आवंटित किया और 900 करोड़ रुपया पूर्व से ही प्रदेश सरकार के पास आपदा प्रबंधन कोटे में उपलब्ध था। इससे अधिक किसान विरोधी सरकार क्या हो सकती है जिसने आज तक किसी भी किसान को 900 रुपए तक की भी राहत प्रदान नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किसान सम्मान निधि के छह हजार रुपए भी किसी किसान को न मिले, इसके भी पूरे जतन करने में कमलनाथ सरकार लगी हुई है।
*यूरिया के बदले मिला अपमान और लाठीचार्ज*
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा पिछले एक महीने से हम देख रहे हैं कि किसानों पर प्रदेश सरकार के अत्याचार की पराकाष्ठा होती जा रही है। जिस किसान को बहुत आराम से निर्धारित दामों पर मध्यप्रदेश में यूरिया मिलता रहा हो, उसी किसान को आज यूरिया के बदले अपमान और लाठी चार्ज का शिकार होना पड़ रहा है। भूखा प्यासा किसान अपने मासूम बच्चे और महिलाओं के साथ कड़कती ठंड में लाइन में लगा हुआ है। इसके बावजूद उसे यूरिया तो मिल नहीं रहा, व्यापारी से ब्लैक में खरीदने की सलाह जरूर मिल रही है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को पर्याप्त मात्रा में यूरिया आवंटित किए जाने के बावजूद प्रदेश की कमलनाथ सरकार केंद्र को बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है। तथ्य यह है कि जब तक भाजपा की सरकार मध्यप्रदेश में थी, तब तक यूरिया को लेकर पूर्व योजना पर काम किया जाता था। यूरिया की खपत का अनुमान लगाकर केंद्र को मांग के संबंध में अवगत कराया जाता था। साथ ही साथ फर्टिलाइजर कंपनियों को भी अग्रिम भुगतान के जरिये यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती थी। आपको आश्यर्च होगा कि यह दोनों ही काम कमलनाथ सरकार ने नहीं किए। इसके बावजूद 27 हजार टन यूरिया का स्टॉक प्रदेश में उपलब्ध है, 15 लाख टन यूरिया पहुंचने वाला है। केंद्र सरकार ने यूरिया को कोटा 75 हजार मीट्रिक टन तक बढ़ा भी दिया है। यह सारे आकड़े भाजपा के नहीं प्रदेश के जिम्मेदार अधिकारियों के हैं। फिर भी किसानों को यूरिया न मिलने के दो ही बड़े कारण हो सकते हैं। पहला सरकार का कुप्रबंधन और दूसरा ब्लैक में यूरिया बेचने वालों को लाभ पहुंचाने का षडयंत्र।
*सामान्य दाम पर क्यों नहीं मिल रहा यूरिया*
जिलाध्यक्ष श्री इन्द्रशरण सिंह चौहान ने प्रश्न किया कि यदि यूरिया ब्लैक में मिल रहा है तो सामान्य दामों में क्यों नहीं मिल रहा है? मतलब यूरिया तो है, पर सरकार उसे ब्लैक में ही बिकवाना चाहती है। ब्लैक में यूरिया खरीदने वाले किसान को दोहरी मार यह भी पड़ रही है कि उसे यूरिया के साथ डीएपी खरीदने के लिये भी मजबूर किया जा रहा है। 250 रुपए कि यूरिया की बोरी 450 रुपए में बिक रही है और सरकार खुले आम इस कालाबाजारी को प्रोत्साहन दे रही है। 
*सहकारी संस्था के बाहर देंगे धरना - इन्द्रशरण सिंह चौहान*
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा भारतीय जनता पार्टी सदैव किसानों के सुख-दुख में सहभागी रही है, इसलिए कांग्रेस सरकार के इस अत्याचार को सहन करने का प्रश्न ही नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश के सभी जिलों में मंडल स्तर पर 14 दिसंबर, शनिवार को दोपहर 12 से 3 बजे तक खेत धरना आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस आंदोलन के तहत किसानों के साथ भाजपा के मंडलों में निवासरत सभी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता प्रत्येक मंडल में एक स्थान पर किसी सहकारी संस्थाओं के बाहर खेत के किनारे धरना देंगे।