खुलेआम कर रहे लोगो की जान के साथ खेलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक।

*आखिरकार झोलाछाप डॉक्टर ने ले ली जान


*अमरपाटन नगर में बढ़ती जा रही झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या।।


 



अमरपाटन नगर में रामनगर रोड , सतना रोड रीवा रोड जगह जगह झोलाछाप डॉक्टरों ने अपना अड्डा बना रखा है मर्ज भले ही ठीक न हो पर पैसा पहले लेते है इनकी फीस ही गरीबो की आधी जान ले लेती है,
अमरपाटन शहर में लगभग आधा दर्जन झोलाछाप डाक्टर ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं,
कुछ तो ऐसे मेडिकल स्टोर भी हैं जो धडल्ले से मरिजो को भर्ती  करके इलाज करते है और मरीजो से मोटी रकम वसूलते है ,
हाल ही एक मामला चांदसी क्लीनिक का सामने आया जहा सुभद्रा पटेल पति रामबहोर पटेल निवासी सुआ को इंजेक्शन लगाने से बेहोश हो गयी  जिसको आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरपाटन लाया गया जहा पर डॉक्टरों ने उनको म्रत घोषित कर दिया , 
इसबारे में बीएमओ से बातचीत की गई तो साहब का कहना है कि परिजनों द्वारा पीएम कराने से इंकार कर दिया गया है और कहा कि उनको हार्ट अटैक की बीमारी थी जिस वजह से उनकी मौत हुई
 स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ अमले के रवैए के चलते ये इनके हाँथों लूटने को मजबूर है।



ये डॉक्टर छेत्र के भोलीभाली जनता को अपने झांसे में फसा कर उनकी जान ओर पैसा दोनो से खेलवाड़ करते हैं कुछ तो ऐसे भी संचालक हो चुके हैं जो क्लीनिक के नाम पर पूरा का पूरा हॉस्पिटल ही खोल के बैठ गए है ओर पता नही रोज कितने मासूमो के जानो के साथ खेलवाड़ कर रहे है।विगत दिनों पहले मएक झोलाछाप डॉक्टर का मामला नागोद तहसील के अंतर्गत आया था उस मामले में गलत इंजेक्शन देने से बच्ची की मौत हो गयी थी और ऐसे ही एक ओर मामला मैहर तहसील में आया था,
बात की जाए अमरपाटन सरकारी अस्पताल की तो वहा के डॉक्टर खुद अपना क्लीनिक खोल कर लोगो को लूटने मे लगे हैं मनमानी फीस मिलने की वजह से वो अस्पताल से ज्यादा समय क्लीनिक में देते हैं ,आखिर लोग बेचारे जाए तो जाए कहा ।
क्या ऐसे ही ये झोलाछाप डॉक्टर लोगो की जिंदगियो से खेलवाड़ करते रहेंगे, कब कसेगा प्रशासन इन पर शिकंजा।