घटना के 22 घंटे बाद, वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षेप पर कायम हुआ मुकदमा ।

देखना होगा की दबंगों एवं माफिआओ को संरक्षण देने के लिए चर्चा मे चल रहे थाना प्रभारी बदेरा, क्या दबंगों पर कर सकेंगे कानूनी कार्यवाही ?
✍🏻सतना उमारिया मार्ग पर  भदनपुर चेक पोस्ट टोल नाका अब अपराधियो का गढ़ बन चुका है, जंहा राहगीरों के साथ मारपीट एवं लूटपाट अब आम बात हो गई है । ऐसा ही एक मामला विगत दो दिन पूर्व सामने आया । जिसमे घटना के तकरीबन 22 घंटे गुजरने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्ताक्षेप के पर आख़िरकार बदेरा पुलिस ने मामले की सूचना दर्ज की ! 
मामले के संबंध मे सूत्र बताते है कि आरोपियो को बदेरा थाना प्रभारी का अप्रत्यक्ष संरक्षण प्राप्त  है जिसके चलते मारपीट व लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बावजूद शिकायत कर्ताओं को केवल अपनी रिपोर्ट दर्ज करवाने वरिष्ट अधिकारियो से न्याय के लिए विनती करनी पड़ी, हलांकि ऐसे कई मामले है जहां बदेरा थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों को खुली छूट के चलते बल मिला है फिर चाहे वो पेट्रोल टंकी के कर्मचारी से मारपीट का मामला हो या अन्य मामले बदेरा थाना प्रभारी प्रभाव के चलते सबके मददगार के तौर पर चर्चा मे है ! यही कारण रहा की लोगो को न्याय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों न्याय की गुहार लगानी पड़ी, बता दें कि पूर्व में भी कई मामलों को लेकर बदेरा थाना प्रभारी चर्चित हो चुके है इनके कारनामो की चर्चा पत्रो व ट्यूटर के माध्यम से मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, प्रभारी मंत्री,  सहित संभाग व जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से हो चुकी है, अब इसे साहब कि अच्छी किस्मत कहे या सेटिंग कि इतनी शिकायतों के बावजूद इन्हें यहां मनमर्जी के लिए बैठाया गया है और वरिष्ट अधिकारी इनपर मेहरबान बने हुए है ।