भोपाल-मुख्यमंत्री क़मलनाथ ने प्रदेश में ऑल्टरनेट प्रोजेक्ट फायनेंसिंग  को बताया आज की जरूरत।

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मुख्यमंत्री ने लोकल इकोनॉमिक एक्टिविटी को बढ़ाने पर जोर दिया।


लॉजिस्टिक हब के लिए मप्र में अपार संभावनाये।


मप्र में 70 फीसदी लोग कृषि आधारित व्यवस्था पर निर्भर है खेती अलावा।


कैसे परम्परागत खेती और किसान को आधुनिक खेती और परिदृश्य में बदला जा सकता है।


हमे नए चेलेंज मिल रहे है इंडिया बदल रहा है आर्थिक स्थिति बदल रही है युथ अलग तरीके का है उनकी उम्मीदों को पूरा करना भी एक चेलेंज है।

देश बदल रहा है यह हमें स्वीकार करना होगा।


हम कैसे राज्य को आर्थिक मॉडल  बना सकते है।


बजट की एक सीमा होती है और उसके आहरण की भी एक सीमित स्तिथि होती है।


कैसे हम इसे बढ़ सकते है ,कैसे इकोनोमि एक्टिविटी को को बढ़ा सकते है ,कैसे वातावरण बनाया जा सके कि इंवेसमेन्ट राज्यो में आए।
 
मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा जंगल वाला क्षेत्र है कईं मिनर्ल्स है प्रदेश में।
 
कैसे रिसॉर्स का प्रयोग कर हम कर सकते है यह केवल हम चार साल नही बल्कि आने वाले 40 साल यह करना होगा।
 
हम कैसे बदल सकते है पुराने किसान पद्धति को नई पद्धति में।


हार्टिकल्चर भी एक बड़ी ऑपर्चुनिटी है यदि हम इस पर काम करते है तो देश का सबसे बड़ा मार्किट होगा।


आज चेलेंज है कृषि क्षेत्र में भी 
इस लिए हमे इकोनॉमी एक्टिविटी जनरेट करने होगी।


इसलिए हमें यह भी करना होगा कि की बजट के अलावा रेवेन्यू जनरेट कैसे किया जा सके 
 
इस दौर में बदलाव बड़ी चुनोती है पिछले साल अत्यधिक बारिश से नुकसान होने पर करोड़ो रूपये किसानों को भुगतान किया गया। 


हमारे पर बहुत खाली जमीन है 
इसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है, हॉर्टिकल्चर के लिए।
 
हमे रिफॉर्म करने की जरूरत है मेने देश के सेंट्रल लीडर्स को भी कहा है कि रिफॉर्म करने से बदलाव आएगा।


इसकी शुरुआत टॉप से करने की जरूरत है और रिजर्व बैंक से इसकी शुरुआत की जा सकती है।