नारायण की एक और राजनैतिक कुर्बानी से मैहर को मिली जिले की सौगात

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          मैहर ही नहीं विंध्य की राजनीति का वह चेहरा जिसका नाम नारायण त्रिपाठी है जिसने अपने राजनैतिक जीवनकाल में कभी किसी पद और दल को महत्व नहीं दिया उनकी प्राथमिकता में हमेशा मैहर का चहुँमुखी विकाश रहा जिन्होंने विधायकी जैसे पद को हमेशा मैहर के विकाश के लिए दाव पर लगा रखा। मैहर क्षेत्र की जनता इस बात की गवाह है कि जब जब   उन्होंने राजनैतिक कुर्बानी दी है मैहर को कुछ न कुछ दिलाया है मैहर का ही कुछ न कुछ लाभ हुआ है और आज एकबार फिर उन्होंने अपनी राजनैतिक कुर्बानी देकर मैहर को जिला बनवाया जिसे लोग वर्षो वर्षो तक याद रखेंगे और जिले का लाभ आने वाले समय में क्षेत्र की जनता जनार्दन को मिलेगा। लोग बाते करते है कि मैहर तो पहले से जिला घोषित था उनके संज्ञान में इस बात को लाना जरुरी है कि घोषणा तो घोषणा बीर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2008 में की थी लेकिन बना नहीं घोषणा करना और उसे मूर्त रूप देने में अंतर होता है आज मैहर को अगर जिले की सौगात मिली तो वह शिर्फ़ और शिर्फ़ नारायण त्रिपाठी के त्याग और तपस्या का परिणाम है। घोषनाये करना और मूर्त रूप देने में बहुत अंतर है मैहर क्षेत्र की जनता ने उप चुनाव के दौरान देखा है कि घोषणा बीर के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान ने मैहर में गली गली गाँव गाँव घूमकर कितनी घोषनाये की थी उनदिनों लगा था की मैहर की दशा और दिशा दोनों बदल जायेगी लेकिन परिणाम क्या हुआ की गयी घोषणा की 90% बाते हवा हवाई हो गयी। इसलिए हमें इस बात को स्वविकार करना चाहिए कि मैहर के लिए मैहर के विकाश के लिए जो कुर्बानी नारायण त्रिपाठी ने दी है वह हिम्मत या हिमाकत किसी अन्य नेता ने नहीं। यहाँ तो लोगो को एक मौक़ा मिल जाय तो किस किस तरह से मैहर को लूट ले यह किसी से छिपा नहीं है और आज से 15 से 20 वर्ष पूर्व लोगो की माली हालात क्या थी और छोटे मोटे ओहदों में आसीन हो हो कर राजनैतिक लाभ लेकर आज कहा से कहा पहुच गए।



लेकिन नारायण त्रिपाठी की भी तुलना करले आज भी किराए के माकान में उनका परिवार मैहर में रहता है आज भी उनके तीनो लड़के बेरोजगार घूम रहे है चाहते तो तमाम तरह का लाभ ले सकते थे लेकिन नारायण त्रिपाठी ने तमाम परिवारबाद,जातिवाद,पूंजीवाद को दरकिनार करते हुए मैहर के विकाश की राजनीति की है और डंके की चोट में की है मैहर के विकाश के लिए सबकुछ दाव में लगा दिया लेकिन किसी के सामने झुके नहीं। नारायण त्रिपाठी मैहर क्षेत्र की जनता से अपने वक्तव्यो में कहा करते थे कि कुछ ऐसा करूँगा की नाती पोता याद करेंगे आज उन्होंने चरित्रार्थ कर दिया। निश्चित ही मैहर क्षेत्र की जनता को नारायण त्रिपाठी के द्वारा मैहर क्षेत्र विकाश में किये गए कार्यो के लिए आभार जताया जाना चाहिए साथ ही उन्हें दोनों हाथो से पूर्व की तरह विजयीभव का आशीर्वाद देना चाहिए।