पार्षद और आयुक्त पर भारी, निगम का एक वार्ड प्रभारी : भोपाल

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वार्ड  76 में चल रही गड़बड़ियों को लेकर पार्षद ने निगमायुक्त से की थी शिकायत, फिर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही



भोपाल । नगर निगम वार्ड 76 के प्रभारी मसूद अली की कारगुजारियों के किस्से लगातार सामने आते जा रहे हैं, ये किस्से सुनने में जितने रोचक हैं उतने ही आश्चर्यजनक भी हैं । दरअसल संपत्ति कर में हेराफेरी  कर रेवड़ी चाटने वाले मसूद अली और उनके खासमखास शागिर्द इंसाफ अब भी सीना तानकर रौब झाड़ रहे हैं । ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्यवाही न होने से ये बेलगाम होकर भ्रष्टाचार को अंजाम देंगे वहीं आमजन में भी निगम प्रशासन की छवि धूमिल होगी । आमजनों को बेवकूफ बना कर अपने घर भरने में लगे इन निगमकर्मियों से सीधी दुश्मनी के खौफ के डर से पीड़ित सामने आने से कतरा रहे हैं, तो वहीं ज़िम्मेदार अधिकारी इन पर हाथ डालने से जबकि गोपनीय सूत्रों का कहना है कि वार्ड 76 में जमकर गोलमाल चल रहा है । यहाँ संपत्ति कर में राहत देने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, और कई लोगों से जानबूझकर दस्तावेजों में लीपापोती कर कम टैक्स लिया जा रहा है ।



मसूद अली वार्ड प्रभारी


कार्यवाही न होने से भ्रष्टाचारीयों के हौंसले सातवें आसमान पर



वार्ड प्रभारी की करतूतों को उजागर करती खबरें प्रकाशित होने के बाद भी कोई सबक न लेते हुए निगम अपनी छवि को धूमिल होने से बचाने में नाकाम साबित होता नजर आ रहा है । भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी की मिलीभगत से नगर निगम को राजस्व और क्षेत्रवासियों की गाढ़ी कमाई में चूना लग रहा है, इस संबंध में निगम के आला अधिकारी जांच करने की बात कहकर चुप्पी साध रहे हैं जबकि वार्ड 76 की पार्षद रहीं सुषमा बाली ने जनहित में वार्ड प्रभारी पर कार्यवाही की मांग की है । श्रीमती बाली ने बताया कि वार्ड प्रभारी मसूद अली की भ्रष्टाचारी नीतियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, प्रभारी की कलंकित कार्यशैली के चलते विगत लगभग 18 महीनों से पार्षद वार्ड कार्यालय में ही नहीं बैठ पायीं । यही नहीं पार्षद ने इस समूचे मसले को लेकर निगमायुक्त को लिखित शिकायत भी की थी परंतु कोई कार्यवाही न होने के कारण ही मसूद अली के हौंसले बुलंद होते गए, सुषमा बाली ने कहा कि जबसे (विगत लगभग 18 माह) मसूद अली वार्ड प्रभारी के रूप में आये हैं तब से ही उन्होंने कोई काम नहीं करने दिया । मसूद अली की कार्यशैली पर यदि गौर किया जाए तो उनके खाते में उपलब्धियां कम और टकराव ज्यादा है, आज के मौजूदा हालात में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक भी की जब एक महिला पार्षद ने निगम आयुक्त से लिखित शिकायत की तो उसपर कार्यवाही क्यों नहीं की गई ? वहीं चर्चा के दौरान ज़ोन अधिकारी द्वारा शिकायत मिलने पर ही कार्यवाही करने की बात कहना तथा निगम अधिकारी वशिष्ट द्वारा जानकारी लेने की बात कहना कहीं मसूद अली को संरक्षण देने का काम न कर जाए ।



इंसाफ खान 25 दिवसीय कर्मचारी वार्ड 76